अर्थव्यवस्था

‘आने वाला है बड़ा झटका, ईंधन की बढ़ती कीमतों से मचेगी खलबली’, बोले उदय कोटक: हमें तैयार रहने की जरूरत

कोटक ने मितव्ययिता और कम खपत के प्रधानमंत्री मोदी के आह्वान का समर्थन करते हुए कहा कि भारत को दीर्घावधि वैश्विक अनिश्चितता के लिए खुद को तैयार करना चाहिए

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गुलवीन औलख   
Last Updated- May 12, 2026 | 10:57 PM IST

कोटक बैंक के संस्थापक और निदेशक उदय कोटक ने पश्चिम एशियाई संघर्ष के कारण आने वाले ‘झटकों’ को लेकर आगाह किया है, जिसका असर वैश्विक ईंधन कीमतों के रूप में उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। उन्होंने भारत और भारतीय उद्योग जगत से इसके लिए तैयार रहने को कहा।

सीआईआई के वार्षिक व्यापार शिखर सम्मेलन में बोलते हुए कोटक ने कहा, ‘हमने पिछले दो महीनों में पश्चिम एशिया युद्ध के ऊर्जा कीमतों से जुड़े असर को नहीं देखा है। अब यह देखने को मिलेगा और यह काफी बड़ा लग रहा है। उपभोक्ताओं ने अभी तक इसका दबाव महसूस नहीं किया है।’

उन्होंने कहा कि कम आय वाले भारतीय परिवारों को सबसे ज्यादा झटका उठाना पड़ेगा, क्योंकि ईंधन की लागत में बढ़ोतरी से ऊर्जा और परिवहन पर निर्भर वस्तुओं और उत्पादों की कीमतों में भी इजाफा होगा। उन्होंने कहा, ‘यह झटका लगने जा रहा है। हमारे पास तेल कंपनियों के लिए झटके सहने की क्षमता थी और यह बहुत बड़ी रकम है। मुझे नहीं लगता कि हम झटके से बहुत दूर हैं।’

उन्होंने तैयारियों की जरूरत पर जोर देते हुए कहा, ‘हमें घटना से पहले ही तैयार हो जाना चाहिए। हमें उम्मीद करनी चाहिए कि मुश्किल समय न आए या न रहे, लेकिन हमें बुरे समय के लिए भी तैयार रहना चाहिए। मुश्किल समय के लिए तैयार रहें, न कि उस झटके का इंतजार करें जो हमें लगेगा।’

उन्होंने कहा, ‘हम इस बात पर निर्भर न रहें कि देश हमारे लिए क्या कर सकता है। बल्कि, हम देश के लिए क्या कर सकते हैं? और यही वह पहलू है जहां हमें खुद के प्रति थोड़ा और सख्त होना होगा। हम चीजों को बहुत हल्के में ले रहे हैं। भारत के विकास के कई बेहतरीन साल हमने देखे हैं और हमें इस पर गर्व भी होना चाहिए, लेकिन हमें इस बात का भी ध्यान रखना होगा कि क्या हम हम उस स्थिति में हैं, जिसे मैं ‘कम्फर्ट जोन’ कहता हूं? भले ही अभी हमारे लिए हालात अच्छे हों, फिर भी मन में थोड़ी-सी ‘सतर्कता’ (या आशंका) का भाव रखना इस समय हमारे लिए मददगार साबित होगा।’

कोटक ने व्यवसायों से आग्रह किया कि वे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से ऊर्जा मांग पूरी करने के मामले में, केवल लॉबीइंग करने और व्यक्तिगत कंपनियों को बचाने वाली मानसिकता से ऊपर उठें। उन्होंने कहा, ‘हमें बड़े पैमाने पर और तेजी से इस लक्ष्य तक पहुंचना होगा।’ इसके लिए उन्होंने चीन का उदाहरण दिया, जहां देश के 60 प्रतिशत वाहन बिजली से चलते हैं।

कोटक ने प्रधानमंत्री मोदी की मितव्ययिता और कम खपत संबंधी हालिया टिप्पणियों का भी समर्थन किया और कहा कि भारत को दीर्घावधि वैश्विक अनिश्चितता के लिए खुद को तैयार करना चाहिए और अपनी आय से अधिक खर्च करने से बचना चाहिए।

(डिस्क्लेमर: बिज़नेस स्टैंडर्ड प्राइवेट लिमिटेड में कोटक परिवार के नियंत्रण वाली इकाइयों की बड़ी हिस्सेदारी है)

First Published : May 12, 2026 | 10:57 PM IST