facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

मई में बेरोजगारी दर बढ़ी, 5.6 फीसदी हुई

Advertisement

मई में पुरुष बेरोजगारी दर 5.6 फीसदी थी और महिलाओं की बेरोजगारी दर कुछ बढ़कर 5.8 फीसदी थी।

Last Updated- June 16, 2025 | 10:57 PM IST
MP: Women reservation increased in government jobs, will get more employment opportunities MP: सरकारी नौकरियों में महिला आरक्षण बढ़ा, मिलेंगे रोजगार के ज्यादा अवसर
प्रतीकात्मक तस्वीर

मई में बेरोजगारी दर बढ़कर 5.6 फीसदी हो गई, जो अप्रैल में 5.1 फीसदी थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय द्वारा सोमवार को जारी आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण के हालिया आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है। सर्वेक्षण से पता चला है कि मई में कम लोगों ने काम तलाशा।
साप्ताहिक स्थिति के हिसाब से ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 15 साल और अधिक उम्र के लोगों की प्रमुख बेरोजगारी दर 4.5 फीसदी से बढ़कर 5.1 फीसदी हो गई। शहरी इलाकों के लिए आंकड़ा 6.5 फीसदी से बढ़कर 6.9 फीसदी हो गया। आंकड़ों से पता चलता है कि मई में पुरुष बेरोजगारी दर 5.6 फीसदी थी और महिलाओं की बेरोजगारी दर कुछ बढ़कर 5.8 फीसदी थी। साप्ताहिक आंकड़े के लिए सर्वेक्षण से ठीक पहले के सात दिनों की गतिविधियां देखी जाती हैं। अगर किसी व्यक्ति को उन सात दिनों में 1 घंटे का भी काम नहीं मिला तो उसे बेरोजगार मान लिया जाता है।

Also Read:  2047 तक विकसित भारत बनने की राह पर तेजी से बढ़ रहा देश: आर्थिक सलाहकार परिषद के चेयरमैन एस महेंद्र देव

इस बीच काम करने अथवा काम की तलाश करने वाले लोगों की संख्या बताने वाली श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) अप्रैल के 55.6 फीसदी से घटकर मई में 54.8 फीसदी हो गई। ग्रामीण इलाकों में यह आंकड़ा 56.9 फीसदी था, जबकि शहरी इलाकों में यह 50.4 फीसदी था। अप्रैल में यह ग्रामीण इलाकों में 58 फीसदी और शहरी इलाकों में 50.7 फीसदी था। मई में पुरुषों के लिए यह दर 77.2 फीसदी और महिलाओं के लिए 33.2 फीसदी रही, जो अप्रैल में 77.7 फीसदी और 34.2 फीसदी थी।

Also Read:सरकारी बैंकों के कर्मियों की बढ़ रही उत्पादकता

युवाओं (15-29 आयु वर्ग) में बेरोजगारी दर 13.8 फीसदी से बढ़कर 15 फीसदी हो गई, जिसमें पुरुषों के लिए दर 14.5 फीसदी और महिलाओं के लिए 16.3 फीसदी थी। यह आंकड़ा इसलिए भी महत्त्वपूर्ण है क्योंकि इस आयु वर्ग के लोग आम तौर पर श्रम बाजार में पहली बार आते हैं और इस आंकड़े से पता चलता है कि बाजार कितना मजबूत है।

Advertisement
First Published - June 16, 2025 | 10:50 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement