facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

Unemployment Rate: देश के ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ी

Advertisement

2023-24 में बेरोजगारी दर 3.2% पर स्थिर, श्रमबल हिस्सेदारी में वृद्धि से रोजगार बाजार पर दबाव

Last Updated- September 23, 2024 | 11:38 PM IST
जुलाई में 1.3 फीसदी घटी बेरोजगारी दर, शहरों के मुकाबले गांवों में हालात बेहतर Unemployment rate decreased by 1.3 percent in July, situation is better in villages than in cities

भारत में बेरोजगारी दर में लगातार 5 साल तक की गिरावट के बाद 2023-24 के जुलाई-जून अवधि के दौरान बेरोजगारी दर 3.2 प्रतिशत पर स्थिर हो गई है। इससे रोजगार के बाजार में गिरावट के संकेत मिलते हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा सोमवार को जारी नवीनतम वार्षिक आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) रिपोर्ट के इन आंकड़ों से संकेत मिलता है कि यह स्थिरता शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में श्रमबल में बढ़ोतरी के कारण आई है और दोनों अर्थव्यवस्थाएं साल के दौरान इसके मुताबिक रोजगार सृजन करने में सफल नहीं रही हैं।

आंकड़ों से पता चलता है ग्रामीण इलाकों में बेरोजगारी दर 2023-24 के दौरान मामूली बढ़कर 2.5 प्रतिशत हो गई, जो 2022-23 के दौरान 2.4 प्रतिशत थी। हालांकि इस दौरान शहरी इलाकों में बेरोजगारी दर घटकर 5.1 प्रतिशत रह गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 5.4 प्रतिशत थी।

इसके अलावा महिलाओं की बेरोजगारी दर 2023-24 के दौरान बढ़कर 3.2 प्रतिशत हो गई, जो 2022-23 के दौरान 2.9 प्रतिशत थी। वहीं पुरुषों की बेरोजगारी दर थोड़ी घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई है, जो इसके पहले के साल के दौरान 3.3 प्रतिशत थी।

अप्रैल 2017 में वार्षिक सर्वे शुरू होने के बाद पहली बार 15 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के लिए तथाकथित ‘सामान्य स्थिति’ के तहत एक साल की अवधि के लिए बेरोजगारी दर में स्थिरता देखी गई। पीएलएफएस के पहले राष्ट्रीय नमूना सर्वे संगठन (जिसे अब एनएसओ के नाम से जाना जाता है) रोजगार और बेरोजगारी के आंकड़े जारी करता था। यह आंकड़े 5 साल पर आते थे।

2017-18 के दौरान पूरे देश के स्तर पर बेरोजगारी दर 6 प्रतिशत थी। सामान्य स्थिति में रोजगार का निर्धारण सर्वे की तिथि से पहले के 365 दिनों की अवधि के आधार पर किया जाता है। ताजा आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि श्रम बल हिस्सेदारी दर (एलएफपीआर) में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। इससे पता चलता है कि आबादी के कितने प्रतिशत लोग रोजगार मांग रहे हैं। यह 2023-24 में 60.1 प्रतिशत हो गया है, जो 2022-23 के दौरान 57.9 प्रतिशत थी।

Advertisement
First Published - September 23, 2024 | 11:30 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement