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लिथियम समेत दो अन्य महत्वपूर्ण मिनरल्स के लिए रॉयल्टी दर तय, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी मंजूरी

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खनिजों के औसत बिक्री मूल्य (एएसपी) की गणना करने की विधि भी केंद्र द्वारा तैयार की गई है, जो नीलामी मापदंडों को निर्धारित करने में मदद करेगी।

Last Updated- October 11, 2023 | 7:07 PM IST
Hindustan Zinc keen to participate in lithium auctions: CEO Arun Mishra

केंद्रीय मंत्रिमंडल (Central Cabinet) ने तीन महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों (Minerals) के लिए रॉयल्टी दर को मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को हुई बैठक में तीनों खनिजों की रॉयल्टी दर को मंजूरी देने का फैसला किया गया। इनमें लिथियम और नियोबियम के लिए तीन-तीन प्रतिशत और ‘रेयर अर्थ एलिमेंट्स’ (आरईई) के लिए एक प्रतिशत की रॉयल्टी दर तय की गई है।

मंत्रिमंडल के इस फैसले के बाद केंद्र सरकार देश में पहली बार लिथियम (Lithium), नियोबियम और आरईई ब्लॉक की नीलामी कर सकेगी। खानों की नीलामी के दौरान बोलीदाताओं के लिए खनिजों पर रॉयल्टी दर एक महत्वपूर्ण वित्तीय कदम है।

इसके अलावा, इन खनिजों के औसत बिक्री मूल्य (एएसपी) की गणना करने की विधि भी केंद्र द्वारा तैयार की गई है, जो नीलामी मापदंडों को निर्धारित करने में मदद करेगी।

खान मंत्रालय ने बयान में कहा, “केंद्रीय मंत्रिमंडल ने तीन महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों- लिथियम, नियोबियम और आरईई के संबंध में रॉयल्टी की दर निर्दिष्ट करने के लिए खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 (एमएमडीआर अधिनियम) की दूसरी अनुसूची में संशोधन को मंजूरी दे दी है।”

आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण खनिज जरूरी

देश में आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण खनिज जरूरी हो गए हैं। ऊर्जा बदलाव और 2070 तक शुद्ध-शून्य कॉर्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को प्राप्त करने के प्रति भारत के संकल्प के मद्देनजर लिथियम और आरईई जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की अहमियत बढ़ गई है।

मंत्रालय ने बयान में कहा, “एमएमडीआर अधिनियम की दूसरी अनुसूची विभिन्न खनिजों के लिए रॉयल्टी दरें तय करती है। दूसरी अनुसूची की मद संख्या 55 में प्रावधान है कि जिन खनिजों की रॉयल्टी दर विशेष रूप से उपलब्ध नहीं की गई है, उनके लिए रॉयल्टी दर औसत बिक्री मूल्य (एएसपी) का 12 प्रतिशत होगी, जो अन्य महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की तुलना में ऊंची मानी जाती है।”

बयान के अनुसार, “ यह 12 प्रतिशत की रॉयल्टी दर अन्य खनिज उत्पादक देशों के बराबर नहीं है। इस प्रकार लिथियम, नियोबियम और आरईई की उचित रॉयल्टी दर निम्नानुसार निर्दिष्ट करने का निर्णय लिया गया है। इसमें लिथियम लंदन मेटल एक्सचेंज मूल्य का तीन प्रतिशत, नियोबियम औसत बिक्री मूल्य का तीन प्रतिशत (प्राथमिक और द्वितीयक स्रोतों दोनों के लिए), आरईई रेयर अर्थ ऑक्साइड के औसत बिक्री मूल्य का एक प्रतिशत है।”

मंत्रिमंडल के फैसले से खनन क्षेत्र में रोजगार बढ़ने की भी उम्मीद है। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) और अन्य एजेंसियां देश में महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की खोज कर रही हैं। केंद्र लिथियम, आरईई, निकल, प्लैटिनम समूह के तत्वों, पोटाश, ग्लौकोनाइट, फॉस्फोराइट, ग्रेफाइट और मोलिब्डेनम जैसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों की नीलामी का पहला दौर जल्द शुरू करने के लिए काम कर रहा है।

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First Published - October 11, 2023 | 7:07 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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