facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

WPI Inflation: जनवरी में थोक महंगाई घटकर 2.31% पर आई, ईंधन सस्ता लेकिन खाद्य कीमतों में तेजी

Advertisement

WPI Inflation: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य वस्तुओं और खाद्य उत्पादों के निर्माण की कीमतें बढ़ने से महंगाई में यह बदलाव आया है।

Last Updated- February 14, 2025 | 12:56 PM IST
WPI, Inflation
WPI Inflation

WPI Inflation: जनवरी में भारत का थोक मूल्य सूचकांक (WPI) घटकर 2.31% रह गया, जो दिसंबर 2024 में 2.37% था। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा शुक्रवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक, खाद्य वस्तुओं और खाद्य उत्पादों के निर्माण की कीमतें बढ़ने से महंगाई में यह बदलाव आया है। कपड़ा निर्माण की लागत बढ़ने का असर भी महंगाई पर पड़ सकता है।

जनवरी 2024 में WPI महंगाई दर 0.27 प्रतिशत रही। WPI फूड इंडेक्स जनवरी 2025 में घटकर 7.47 प्रतिशत पर आ गया, जो दिसंबर 2024 में 8.89 प्रतिशत था। वहीं, ईंधन की कीमतों में 2.78 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि दिसंबर में यह गिरावट 3.79 प्रतिशत थी।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की महंगाई दर बढ़कर 2.51 प्रतिशत हो गई, जो पिछले महीने 2.14 प्रतिशत थी। जनवरी में खुदरा महंगाई पांच महीने के निचले स्तर पर
भारत की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित खुदरा महंगाई जनवरी में घटकर 4.31% रह गई, जो दिसंबर में 5.22% थी। महंगाई में आई इस गिरावट की मुख्य वजह खाने-पीने की चीजों के दाम कम होना है। इससे उम्मीद बढ़ी है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) अप्रैल में होने वाली बैठक में रीपो रेट (repo rate) में कटौती कर सकती है।

जनवरी में सालाना आधार पर खाद्य महंगाई घटकर 6.02% रह गई, जो दिसंबर में 8.39% थी। खासतौर पर सब्जियों के दाम कम होने से खाद्य महंगाई घटी। दिसंबर में सब्जियों की महंगाई दर 26.6% थी, जो जनवरी में गिरकर 11.35% रह गई।

Advertisement
First Published - February 14, 2025 | 12:56 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement