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Adani Row : RBI गवर्नर ने कहा – बैंकों की स्थिति मजबूत, ‘इस प्रकार के मामलों’ का असर नहीं

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Last Updated- February 08, 2023 | 7:56 PM IST
Adani Ports Q3 Results
Shutterstock

अदाणी समूह मामले में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को कहा कि देश के बैंक इतने बड़े और मजबूत हैं कि उनपर ऐसे मामलों का असर नहीं पड़ेगा।

अमेरिकी वित्तीय शोध और निवेश कंपनी हिंडनबर्ग रिसर्च (Hindenburg Research) की रिपोर्ट के मद्देनजर अदाणी समूह की कंपनियों को बैंकों की तरफ से दिये गये कर्ज को लेकर विभिन्न तबकों में चिंता जतायी जा रही है।

रिपोर्ट के बाद समूह की कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है। अदाणी समूह से जुड़े एक सवाल के जवाब में दास ने कहा कि RBI ने स्वयं से अपना आकलन किया और शुक्रवार को बयान जारी किया।

बयान में कहा गया है कि देश के बैंक मजबूत हैं। उन्होंने अदाणी समूह का जिक्र किये बिना कहा, ‘आज के समय में भारतीय बैंकों का आकार, उनकी क्षमता काफी मजबूत है। उनकी क्षमता ऐसी है कि वे इस प्रकार के मामलों से प्रभावित होने वाले नहीं हैं।’

उनसे यह पूछा गया था कि क्या मौजूदा स्थिति में RBI घरेलू बैंकों को अदाणी समूह की कंपनियों को दिये गये कर्ज को लेकर कोई दिशानिर्देश जारी करेगा। MPC की घोषणा के बाद दास ने कहा कि बैंक कर्ज देते समय, संबंधित कंपनी की बुनियाद और संबंधित परियोजनाओं के लिये नकद प्रवाह की स्थिति पर गौर करते हैं।

दास ने यह भी साफ किया कि कर्ज के मामले में कंपनियों के बाजार पूंजीकरण से कोई लेना-देना नहीं होता है। RBI के डिप्टी गवर्नर एम के जैन ने कहा कि घरेलू बैंकों का अदाणी समूह को दिया गया कर्ज कोई बहुत ज्यादा नहीं है। शेयरों के बदले जो कर्ज दिया गया है, वह बहुत कम है।

यह भी पढ़ें : RBI Repo Rate Hike : आरबीआई ने रीपो रेट में किया 0.25 फीसदी का इजाफा, बढ़ सकती है लोन की EMI

दास ने कहा कि गुजरते समय के साथ बैंकों की मूल्यांकन प्रणाली काफी सुधरी है। RBI ने पिछले तीन-चार साल में बैंकों को मजबूत बनाने के लिये कई कदम उठाये हैं। संचालन, ऑडिट समितियों और जोखिम प्रबंधन समितियों को लेकर समय-समय पर दिशानिर्देश जारी किये गये हैं। बैंकों के लिये मुख्य जोखिम अधिकारियों और मुख्य अनुपालन अधिकारियों की नियुक्ति को अनिवार्य किया गया है।

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First Published - February 8, 2023 | 2:36 PM IST

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