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56 फीसदी लोग बंद करा रहे बैंक लॉकर, रिन्यूअल की लास्ट डेट से पहले LocalCircles के सर्वे ने कर दिए बड़े खुलासे

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RBI के गाइडलाइंस के तहत, जिन अकाउंट होल्डर्स ने 31 दिसंबर, 2022 तक बैंक लॉकर एग्रीमेंट जमा किया था, उन्हें रिवाइज एग्रीमेंट पर साइन करके बैंक ब्रांच में सब्मिट करना होगा।

Last Updated- December 15, 2023 | 5:28 PM IST
bank locker

अगर आपने बैंक लॉकर में अपना सामान रखा है तो हो जाएं सतर्क। क्योंकि इसे रिन्यू कराने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर ही है। लेकिन, इसी बीच कम्युनिटी बेस्ड सोशल नेटवर्क लोकल सर्कल्स (LocalCircles) के एक सर्वे ने एक और बड़ा खुलासा कर दिया है। सर्वे में पता चला कि करीब 56 फीसदी लॉकर होल्डर्स, यानी जिन्होंने अपना सामान बैंक के लॉकर में रखा है, वे या तो अपने लॉकर्स बंद कर दिए हैं या जल्द ही ऐसा करने का प्लान बना रहे हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर लॉकर होल्डर्स ऐसा क्यों कर रहे हैं? तो आइए जानते हैं-

लोकल सर्कल्स (LocalCircles) के सर्वे में खुलासा हुआ कि लॉकर होल्डर्स यह फैसला इसलिए ले रहे हैं क्योंकि बैंक अपने ग्राहक को जानें (KYC) के अपने इस फैसले के लिए बहुत सारे डॉक्यूमेंट्स मांग रहे हैं और लगातार लॉकर में रखने के लिए रेंट बढ़ाते जा रहे हैं।

इसके अलावा, सर्वे में पाया गया कि इसमें शामिल एक तिहाई से ज्यादा उत्तरदाताओं ने अपना बैंक लॉकर सरेंडर कर दिया है। आंकड़ों से यह भी पता चला है कि, पिछले तीन सालों में, 36 फीसदी उत्तरदाताओं ने अपने लॉकर बंद कर दिए हैं, जबकि केवल 16 प्रतिशत ज्यादा ज्यादा दर के साथ पैसे का पेमेंट कर रहे हैं और KYC की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि ये 16 फीसदी लोग भले ही बैंक लॉकर में ज्यादा पेमेंट कर रहे हैं लेकिन साथ ही छोटे लॉकर में शिफ्ट करने पर विचार कर रहे हैं। लोकल सर्कल्स के इस सर्वे को 218 जिलों के 23,000 लोग शामिल हुए थे।

1 साल RBI ने बढ़ाई थी बैंक लॉकर को रिन्यू करने की लास्ट डेट

बैंकों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गाइडलाइंस के तहत, जिन अकाउंट होल्डर्स ने 31 दिसंबर, 2022 को या उससे पहले बैंक लॉकर एग्रीमेंट जमा किया था, उन्हें एक रिवाइज एग्रीमेंट पर साइन करके अपनी संबंधित बैंक ब्रांच में सब्मिट करना होगा।

शुरुआत में 1 जनवरी, 2022 के लिए निर्धारित की गई थी। लेकिन बैंकों से बेहतर रिस्पांस नहीं मिला और साथ ही मॉडल लॉकर एग्रीमेंट में संशोधन की जरूरत पड़ी। ऐसे में RBI को द्वारा लास्ट डेट एक साल के लिए बढ़ानी पड़ी।

क्या है बैंक लॉकर के लिए RBI का नया नियम?

नए एग्रीमेंट के तहत, कंटेंट और सेफ सामान रखने के लिए बैंकों की जिम्मेदारी को फिर से समझाया गया है। बैंक अब पट्टेदार (lessors) के रूप में कार्य करते हैं, और ग्राहक लीज पर लेने वाला होता है। इसके लिए एक कॉन्ट्रैक्ट होता है जिसमें अधिकार, ड्यूटी, लॉकर रेंट और अन्य आवश्यक चीजों के बारे में बताया जाता है। लापरवाही के कारण होने वाले नुकसान के लिए बैंक की देनदारी सालाना लॉकर रेंट से 100 गुना तक हो सकती है। नए नियम अवैध और खतरनाक सामग्रियों को छोड़कर, लॉकर में आभूषण और डॉक्यूमेंट्स को रखा जा सकता है।

हालांकि, सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ लॉकर होल्डर्स समय सीमा तक कॉन्ट्रैक्ट पर किसी वजह से साइन नहीं कर पाते हैं यानी सक्षम नहीं हो सकते हैं जैसे-अप्रवासी भारतीय (NRI)। उन्हें इलेक्ट्रॉनिक साइन करने का ऑप्शन मिलता है।

और क्या है लॉकर बंद करने की वजहें?

कस्टमर्स के बीच असंतोष का एक अन्य मुद्दा लॉकर ऑपरेट करने के लिए ऑथराइज्ड सेकंडरी पर्सन से लॉकर किराए का सीधा डेबिट है।

उत्तरदाताओं में से, आठ प्रतिशत ने बताया कि बैंकों ने लॉकर ऑपरेट करने के लिए ऑथराइज्ड और बैंक में अकाउंट रखने वाले दूसरे व्यक्ति से लॉकर का किराया सीधे डेबिट कर लिया गया।

88 फीसदी ने कहा कि बैंकों ने इसे सीधे प्राइमरी अकाउंट होल्डर के बैंक खाते से डेबिट कर दिया और चार फीसदी ने चेक का इस्तेमाल किया।

लॉकर के लिए कौन से बड़े बैंक ले रहे पैसे?

भारतीय स्टेट बैंक (SBI): SBI ने छोटे, मीडियम, लार्ज और एक्स्ट्रा लार्ज के रूप में बैंक लॉकर्स को बांटा है, जिसमें सालाना लॉकर किराया 1,500 रुपये से 9,000 रुपये तक होता है। रेंट की रकम लॉकर की साइज और कैटेगरी पर निर्भर करती है।

HDFC Bank: एचडीएफसी बैंक का एक्स्ट्रा स्मॉल लॉकर 1,350 रुपये से शुरू होता है और एक्स्ट्रा लॉर्ज साइज के लॉकर के लिए 20,000 रुपये तक लॉकर रेंट चार्ज किया जाता है।

Bank of Baroda (BoB): बैंक ऑफ बड़ौदा में, क्लास ए लॉकर के लिए लॉकर का किराया 1,500 रुपये से शुरू होता है और क्लास L यानी लॉर्ज लॉकर के लिए 10,000 रुपये तक जाता है।

IDBI Bank: आईडीबीआई बैंक लॉकर की साइज और कैटेगरी के आधार पर बैंक लॉकर का सालाना किराया 700 रुपये से शुरू होकर 19,000 रुपये तक जाता है।

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First Published - December 15, 2023 | 5:28 PM IST

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