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सितंबर में यूपीआई से रिकॉर्ड लेन-देन

Last Updated- December 12, 2022 | 12:35 AM IST

भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) के भुगतान प्लेटफॉर्म यूनीफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) के माध्यम से सितंबर महीने में 6.5 लाख करोड़ रुपये के 3.65 अरब से ज्यादा लेन-देन हुए हैं। यह मात्रा और मूल्य दोनों हिसाब से अब तक का सर्वोच्च स्तर है। साथ ही यह लगातार तीसरा महीना है, जब इस प्लेटफॉर्म से 3 अरब से ज्यादा लेन-देन हुए हैं। इससे महामारी के बाद देश में डिजिटल भुगतान की स्वीकार्यता तेजी से बढऩे के संकेत मिलते हैं।
अगर पिछले महीने से तुलना करें तो लेन-देन की मात्रा के 3 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि इसका मूल्य 2.35 प्रतिशत ज्यादा रहा है। बहरहाल पिछले साल की तुलना में मूल्य और मात्रा दोनों हिसाब से लेन-देन दोगुना हुआ है। इससे पिछले एक साल के दौरान खुदरा डिजिटल भुगतान में आई तेजी के संकेत मिलते हैं।
अगस्त महीने में यूपीआई के माध्यम से 3.55 अरब लेन-देन हुए, जिनका मूल्य 6.39 लाख करोड़ रुपये और जुलाई में 3.24 अरब लेन-देन हुए जिनका मूल्य 6.06 लाख करोड़ रुपये है।
अक्टूबर और नवंबर महीने में यूपीआई से लेन-देन में और बढ़ोतरी हो सकती है क्योंकि यह त्योहारों का मौसम होगा। हाल ही में एनपीसीआई के सीईओ दिलीप असबे ने कहा है कि यूपीआई से लेन-देन इस साल 40 से 42 अरब तक पहुंच सकता है, जो पिछले साल 22 अरब था। अब तक कैलेंडर वर्ष के दौरान यूपीआई से 25.73 अरब लेन-देन हुए हैं, जिसका मूल्य करीब 50 लाख करोड़ रुपये है।
यूपीआई 2016 में पेश किया गया था, जिसके बाद इसकी स्वीकार्यता बहुत तेजी से बढ़ी है। कोविड-19 के बाद इसे और गति मिली। पहली बार अक्टूबर 2019 में यह 1 अरब लेन-देन पर पहुंचा। अगला 1 अरब लेन-देन एक साल से कम में पूरा हो गया।
अक्टूबर, 2020 तक यूपीआई से 2 अरब से ज्यादा लेन-देन हो गया। इसके बाद 2 अरब लेन-देन से 3 अरब तक पहुंचने की यात्रा महज 10 महीने में पूरी हुई, जिससे खुदरा उपभोक्ताओं में यूपीआई की जोरदार लोकप्रियता के संकेत मिलते हैं।

First Published - October 2, 2021 | 12:08 AM IST

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