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एफपीआई ने बाजार से निकाले 4,500 करोड़ रुपये

Last Updated- December 11, 2022 | 7:47 PM IST

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में आक्रामक बढ़ोतरी की आशंका के बीच विदेशी निवेशकों ने पिछले सप्ताह सतर्क रुख अपनाते हुए भारतीय शेयर बाजारों से 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की है। इससे पहले 1 से 8 अप्रैल के दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने भारतीय बाजार में 7,707 करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश किया था। उस समय बाजार में गिरावट की वजह से एफपीआई को खरीदारी का अच्छा अवसर मिला था। इससे पहले मार्च, 2022 तक छह माह के दौरान एफपीआई शुद्ध बिकवाल बने रहे और उन्होंने शेयरों से 1.48 लाख करोड़ रुपये की भारी राशि निकाली।
इसकी मुख्य वजह अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा दरों में वृद्धि की संभावना और यूक्रेन पर रूस का सैन्य हमला था। सेबी पंजीकृत निवेश सलाहकार राइट रिसर्च की संस्थापक सोनम श्रीवास्तव ने कहा, हम उम्मीद कर रहे हैं कि यूक्रेन संकट कम होने के बाद एफपीआई बड़े स्तर पर भारत वापस आएंगे, क्योंकि हमारा मूल्यांकन अत्यधिक प्रतिस्पर्धी हो गया है। डिपॉजिटरी के आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने 11-13 अप्रैल के दौरान भारतीय शेयर बाजारों से 4,518 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की है।
मॉर्निंगस्टार इंडिया के सहायक निदेशक हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक के आक्रामक तरीके से ब्याज दरें बढ़ाने की संभावना की वजह से एफपीआई ने भारत जैसे उभरते बाजारों में अपने निवेश के प्रति सतर्क रुख अपनाया।    

First Published - April 18, 2022 | 1:26 AM IST

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