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मांग में सुधार पेंट कंपनियों के लिए अच्छा संकेत

Last Updated- December 11, 2022 | 5:31 PM IST

तिमाही के पहले दो महीनों में शानदार मांग और अनुकूल आधार से उत्साहित पेंट कंपनियों द्वारा अप्रैल-जून तिमाही में मजबूत प्रदर्शन दर्ज किए जाने की संभावना है।
सूचीबद्ध पेंट कंपनियां सालाना आधार पर 30 प्रतिशत से ज्यादा की राजस्व वृद्धि दर्ज कर सकती हैं और उन्हें डेकोरेटिव पेंट में दो अंक की बिक्री वृद्धि तथा मूल्य निर्धारण में बदलाव से मदद मिल सकती है। पिछली तिमाही के दौरान ओमीक्रोन की वजह से सभी कंपनियों के लिए किब्री में कमी आई थी।
पूर्ववर्ती तिमाही में 14 प्रतिशत की वृद्धि खास मूल्य निर्धारण बदलाव की वजह से दर्ज की गई। आईआईएफएल रिसर्च में विश्लेषक पर्सी पंथाकी ने कहा है कि प्रीमियम और इकोनोमी खंड में मांग शानदार रही।
उनका कहना है कि तिमाही के दौरान वाटरप्रूफिंग कैटेगरी में अच्छी वृद्धि कई मौसमी कारकों की वजह से दर्ज की गई और इससे बिक्री वृद्धि को भी मदद मिलेगी।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज का भी मानना है कि जून तिमाही में बिक्री वृद्धि खासकर शहरी बाजारों में मजबूत बनी रहेगी। मॉनसून में विलंब और जून-जुलाई में शादियों के सीजन से भी अच्छी वृद्धि दर्ज करने में मदद मिली है। पेंट सेक्टर ने विभिन्न परियोजनाओं (रियल एस्टेट डेवलपर) से संबंधित व्यवसाय से 10 प्रतिशत राजस्व और क्षेत्र के लिए बुकिंग और पंजीकरण में मजबूत रुझान शुभ संकेत हैं।
औद्योगिक सेगमेंट (वाहन, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स) ने भी अप्रैल-मई में यात्री कार उत्पादन में 44.7 प्रतिशत की अच्छी मांग दर्ज की और कनसाई नैरोलैक के लिए यह मजबूत रही, जिसे इस सेगमेंट में सर्वाधिक (27 प्रतिशत बिक्री) योगदान दिया।
कंपनियों के संदर्भ में बात की जाए तो पता चलता है कि बाजार दिग्गज एशियन पेंट्स द्वारा दो अंक की बिक्री वृद्धि दर्ज किए जाने की संभावना है। फिलिपकैपिटल रिसर्च के विशाल गुटका का कहना है कि यह शादी के सीजन में फिर से तेजी आने, संगठित कंपनियों से बाजार भागीदारी बढ़ने और परियोजना व्यवसाय में मजबूत सुधार आने की वजह से संभव होगा।
इस क्षेत्र में कंपनियों के लिए राजस्व वृद्धि अनुमान अलग अलग हैं जहां एशियन पेंट्स द्वारा वृद्धि के मोर्चे पर बढ़त दर्ज किए जाने की संभावना है, और उसके द्वारा 33-45 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया जा रहा है, वहीं बर्जर पेंट्स और कनसाई नैरोलैक 22-39 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज कर सकती हैं।
दो और तीन वर्षीय अवधि के दौरान शीर्ष दो कंपनियों – एशियन पेंट्स और बर्जर ने उपभोक्ता क्षेत्र में बिक्री के लिहाज से अच्छा प्रदर्शन दर्ज किया। उन्होंने 54-62 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
भले ही बिक्री वृद्धि में सुधार आया है और मूल्य निर्धारण में बदलाव की प्रक्रिया मजबूत बनी हुई, लेकिन मार्जिन पर दबाव की आशंका है।
कई ब्रोकरों का मानना है कि सकल मार्जिन कच्चे माल की कीमतों में तेजी और उत्पाद कीमतों में सीमित सुधार से प्रभावित होगा। विश्लेषकों को दो कंपनियों के लिए 37-38 प्रतिशत के दायरे के साथ सकल मार्जिन एक साल पहले की तिमाही के मुकाबले 250 आधार अंक तक घटने और तिमाही आधार पर 125 आधार अंक तक कमजोर रहने का अनुमान है। हालांकि लागत नियंत्रण उपायों और मजबूत बिक्री वृद्धि के संदर्भ में परिचालन दक्षता को देखते हुए कंपनियों द्वारा परिचालन मुनाफा स्तर पर इसकी भरपाई होने की संभावना है।
जहां टाइटेनियम डाइ ऑक्साइड जैसे प्रमुख कच्चे माल की कीमतें सपाट बनी रही, वहीं कच्चे तेल की कीमतों में तिमाही आधार पर 18 प्रतिशत तक की तेजी आई।
आईआईएफएल रिसर्च के अनुसार, कच्चे तेल में ताजा कीमत गिरावट से चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में मार्जिन को मदद मिलेगी। कीमतों में उतार-चढ़ाव से मार्जिन परिदृश्य में अनिश्चितता को बढ़ावा मिलेगा। कंपनियों ने मई और जून में करीब 2 प्रतिशत की कीमत वृद्धि की थी और अब वे इसे लेकर सतर्कता बरत सकती हैं। 

First Published - July 18, 2022 | 1:19 AM IST

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