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तीन सत्रों में एफपीआई की बड़ी निकासी

Last Updated- December 11, 2022 | 8:53 PM IST

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (एफपीआई) ने मार्च के सिर्फ तीन कारोबारी दिवसों में ही भारतीय शेयर बाजारों से 17,537 करोड़ रुपये की निकासी कर ली है। यूक्रेन संकट की वजह से पैदा हुई अनिश्चितता और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से कारोबारी धारणा पर पड़े प्रतिकूल असर ने एफपीआई की इस निकासी को रफ्तार देने का काम किया है। आंकड़ों के मुताबिक, एफपीआई ने इस महीने के तीन कारोबारी दिवसों में ही इक्विटी से 14,721 करोड़ रुपये, ऋण खंड से 2,808 करोड़ रुपये और हाइब्रिड साधनों से नौ करोड़ रुपये निकाले हैं।
जियोजित फाइनैंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, यूक्रेन और रूस के  बीच छिड़ी जंग से उपजी अनिश्चितता और कच्चे तेल के दाम में आई तेजी ने कारोबारी धारणा को प्रभावित किया है। एफपीआई डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोर होती स्थिति को देखते हुए ऋण खंड में भी बिकवाल बने हुए हैं।
मॉर्निंगस्टार इंडिया के शोध प्रबंधक हिमांशु श्रीवास्तव का कहना है कि इस पैमाने पर भू-राजनीतिक तनाव पैदा होना भारत जैसी उदीयमान अर्थव्यवस्था के लिए विदेशी मुद्रा प्रवाह के नजरिए से अच्छा नहीं है। भारतीय इक्विटी बाजारों के उच्च मूल्यांकन के साथ कंपनियों की आय से जुड़े जोखिम और आर्थिक वृद्धि की सुस्त पड़ती रफ्तार ने विदेशी निवेशकों को भारतीय स्टॉक बाजार में खुलकर निवेश करने से रोकने का काम किया है।    

First Published - March 6, 2022 | 11:37 PM IST

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