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New Rules From March 1: बीमा भुगतान में बड़ा बदलाव, UPI से होगा आसान ट्रांजेक्शन

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New Rules From March 1: इस नई व्यवस्था के तहत, बीमाधारक अपने बैंक खाते में बीमा प्रीमियम की राशि को पहले से ब्लॉक कर सकेगा, जिसे बीमा-ASBA के नाम से जाना जाएगा।

Last Updated- February 20, 2025 | 3:02 PM IST
Insurance
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बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने जीवन और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों के लिए प्रीमियम भुगतान को आसान बनाने के उद्देश्य से वन-टाइम UPI मैंडेट की सुविधा देने की अनुमति दी है। इस नई व्यवस्था के तहत, बीमाधारक अपने बैंक खाते में बीमा प्रीमियम की राशि को पहले से ब्लॉक कर सकेगा, जिसे बीमा-ASBA के नाम से जाना जाएगा।

इस सुविधा के तहत, बीमाधारकों को प्रीमियम भुगतान के लिए अलग से ट्रांजैक्शन करने की जरूरत नहीं होगी। निर्धारित राशि उनके बैंक खाते में ब्लॉक रहेगी और बीमा पॉलिसी जारी होने के बाद ही यह राशि डेबिट की जाएगी। इससे भुगतान प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुगम होगी, साथ ही संभावित धोखाधड़ी के मामलों में भी कमी आने की संभावना है।

IRDAI ने सभी बीमा कंपनियों को 1 मार्च 2025 तक Bima-ASBA सुविधा शुरू करने का निर्देश दिया है, ताकि ग्राहक इसका लाभ उठा सकें।
यह निर्देश 18 फरवरी 2025 को जारी सर्कुलर में दिया गया है, जो 5 सितंबर 2024 के मास्टर सर्कुलर ‘Protection of Policyholders’ Interests’ से जुड़ा है। इस सुविधा का उद्देश्य बीमा खरीद को आसान और पारदर्शी बनाना है।

बीमा नियामक ने कहा है कि प्रीमियम भुगतान को आसान बनाने के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) वन टाइम मैंडेट (OTM) सुविधा लागू की गई है। इस सुविधा के तहत ग्राहक अपने बैंक खाते से एक निश्चित राशि को ब्लॉक कर सकते हैं, जिससे भुगतान के लिए पैसा सुरक्षित रहेगा, लेकिन असली भुगतान बाद में होगा।

यह सुविधा उन ग्राहकों के लिए फायदेमंद होगी, जो तुरंत पैसा कटवाने के बजाय पहले से मंजूरी देकर भुगतान सुनिश्चित करना चाहते हैं। इससे बीमा प्रीमियम का लेन-देन आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।

IRDAI ने “बीमा-ASBA” सुविधा को अनिवार्य कर दिया है, जो जीवन और स्वास्थ्य बीमा पॉलिसियों पर लागू होगी।

इस सुविधा के तहत, बीमा खरीदने वाले व्यक्ति के बैंक खाते से प्रीमियम की रकम तभी कटेगी जब उसकी पॉलिसी जारी हो जाएगी। पहले से ही ग्राहक के बैंक खाते में UPI के जरिए तय रकम ब्लॉक हो जाएगी, लेकिन बीमा कंपनी के प्रस्ताव स्वीकार करने के बाद ही यह राशि कटेगी। अगर बीमा कंपनी प्रस्ताव को अस्वीकार कर देती है, तो यह रकम ग्राहक के खाते में वापस आ जाएगी।

IRDAI के इस नए नियम से बीमा खरीदने वालों को अधिक सुरक्षा और पारदर्शिता मिलेगी, क्योंकि अब प्रीमियम की राशि तभी कटेगी जब बीमा पॉलिसी मिल जाएगी।

बीमा कंपनियों को अपने प्रस्ताव फॉर्म में एक नया ऑप्शन देना होगा, जिसके तहत ग्राहक एक मानक घोषणा के जरिए बीमाकर्ता को अपने बैंक खाते में राशि ब्लॉक करने की अनुमति दे सकते हैं। यह सुविधा यूपीआई के माध्यम से उपलब्ध होगी।

बीमा नियामक द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, जीवन बीमा और साधारण बीमा परिषदों को इस सर्कुलर की तिथि से एक सप्ताह के भीतर प्रस्ताव फॉर्म में शामिल किए जाने के लिए मानक घोषणा जारी करनी होगी।

हालांकि, बीमा-ASBA पूरी तरह से ग्राहक की पसंद पर निर्भर करेगा। किसी भी प्रस्ताव को सिर्फ इस आधार पर खारिज नहीं किया जाएगा कि ग्राहक ने बीमा-ASBA का विकल्प नहीं चुना है।

यह सुविधा पहले से उपलब्ध भुगतान विकल्पों के अतिरिक्त होगी, जो IRDAI (Protection of Policyholders’ Interests, Operations and Allied Matters of Insurers) Regulations, 2024 के तहत निर्धारित हैं।

कैसे काम करेगा बीमा-ASBA?

  • बीमा कंपनियां इस सुविधा के लिए विभिन्न बैंकों के साथ साझेदारी करेंगी और आवश्यक तकनीकी तथा संविदात्मक व्यवस्थाएं लागू करेंगी।
  • वन-टाइम मैंडेट (UPI के जरिए) केवल बीमा कंपनी के पक्ष में ही जारी किया जाएगा, जिसे ग्राहक स्वयं प्रमाणित करेगा।
  • यह मैंडेट अधिकतम 14 दिनों के लिए वैध रहेगा या अंडरराइटिंग निर्णय की तारीख तक, जो पहले हो।

फंड ब्लॉकिंग और अनब्लॉकिंग के नियम

  • यदि 14 दिनों के भीतर प्रस्ताव स्वीकृत नहीं होता है, तो राशि स्वचालित रूप से अनब्लॉक हो जाएगी।
  • यदि प्रस्ताव अस्वीकृत होता है, तो राशि एक कार्य दिवस के भीतर वापस कर दी जाएगी।

ग्राहकों को मिलेगी पूरी जानकारी

  • ग्राहक को हर स्टेप पर सूचना दी जाएगी, जैसे कि राशि का ब्लॉक होना, डेबिट (आंशिक या पूर्ण) और अनब्लॉकिंग की प्रक्रिया।
  • इस सुविधा के लिए बीमा कंपनियां कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लेंगी।
  • साझेदार बैंक बीमा कंपनियों को हर महीने वन-टाइम मैंडेट का विवरण साझा करेंगे।

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First Published - February 20, 2025 | 3:02 PM IST

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