सितंबर में होने वाली अर्धवार्षिक समीक्षा में निफ्टी-50 इंडेक्स के शेयरों में शायद ही बदलाव होगा। इन्फो एज और एवेन्यू सुपरमाट्र्स इसमें शामिल होने के प्रबल दावेदार हैं, लेकिन निफ्टी में शामिल होने का मानदंड अभी तक इन्होंने पूरा नहीं किया है जबकि कटऑफ तारीख 30 जुलाई नजदीक आ रही है। ऐसा तब है जबकि इंडियन ऑयल और कोल इंडिया (घटक के लिहाज से निफ्टी के सबसे नीचे रैंकिंग वाले शेयर) फ्री-फ्लोट बाजार पूंजीकरण के लिहाज से खतरे में नजर आ रही हैं। इन्फो एज, इंडियन ऑयल की जगह लेगी, ऐसे में फरवरी से जुलाई के बीच उसका औसत फ्री-फ्लोट एमकैप तेल विपणन कंपनी से 1.5 गुना ज्यादा होना चाहिए। खुदरा शृंखला डीमार्ट की मालिक एवेन्यू सुपरमाट्र्स का औसत फ्री-फ्लोट एमकैप इंडियन ऑयल से ज्यादा है पर यह डेरिवेटिव का हिस्सा नहीं है, जो निफ्टी में शामिल किए जाने के एक अन्य मानदंड है। अदाणी ग्रीन के साथ ही ऐसा ही मामला है। इन्फो एज डेरिवेटिव का हिस्सा है लेकिन उसका बाजार पूंजीकरण थोड़ा कम है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के एक नोट में कहा गया है, इन्फो एज औसत फ्री-फ्लोट बाजार पूंजीकरण मानदंड के लिहाज से मामूली पीछे है (5 अरब डॉलर और 3.7 फीसदी, जो इंडियन ऑयल से 1.5 गुना कम है)। लेकिन वह अन्य शर्तें पूरी कर रही है।
विश्लेषकों ने कहा, एवेन्यू सुपरमाट्र्स के पास अभी भी मौका हो सकता है अगर यह शेयर वायदा व विकल्प की सूची में शामिल हो जाए। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के नोट में विनोद कार्की और सिद्धार्थ गुप्ता ने कहा है, एवेन्यू सुपरमाट्र्स व अदाणी ग्रीन एनर्जी वायदा व विकल्प की सूची का हिस्सा हैं। एवेन्यू सुपरमाट्र्स को एफऐंडओ शेयर की पात्र बनने के मामले में बढ़त हासिल है।
विस्तृत ट्रैकिंग व निफ्टी इंडेक्स में ट्रेडिंग के लिए ये शेयर शायद अभी शामिल नहीं हो पाएंगी लेकिन विशेषज्ञों ने कहा कि यह सिर्फ समय की बात है जब नई पीढ़ी की कंपनियां इंडेक्स में पारंपरिक कंपनियों की जगह ले लेंगी।
कार्की व गुप्ता ने कहा है, इन्फो एज शुद्ध रूप से इंटरनेट प्लेटफॉर्म कंपनी होगी, जिसे निफ्टी इंडेक्स में शामिल किया जाना है, जब भी वह इसकी पात्र हो जाएगी। इस नजरिये से देखें तो डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में अभी भी इंटरनेट प्लेटफॉर्म कंपनियां मसलन एमेजॉन या गूगल नहीं हैं।
अभी-अभी सूचीबद्ध जोमैटो इस इंडेक्स में साल 2022 के आखिर तक शामिल हो सकती है। नोट में कहा गया है, नई लार्ज कैप इंटरनेट प्लेटफॉर्म कंपनियां मसलन जोमैटो का फ्री-फ्लोट मार्केट कैप ज्यादा है क्योंकि प्रवर्तक की हिस्सेदारी शून्य है, ऐसे में यह आने वाले समय में बेंचमार्क इंडेक्स में शामिल होने की प्रबल दावेदार हो सकती है।