facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

RBI की कार्रवाई से FY25 में NBFC की ऋण वृद्धि होगी सुस्त, घटकर 18% तक आ जाएगी

Advertisement

‘हमें लगता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की हालिया कार्रवाई से ऋणदाताओं के अति उत्साह में कमी आएगी, नियमों का पालन होगा और ग्राहकों के हितों की रक्षा होगी।’

Last Updated- September 24, 2024 | 10:47 PM IST
nbfc, RBI

एसऐंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के मुताबिक इस वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 25) में रेटिंग वाली वित्तीय कंपनियों की ऋण वृद्धि दर सुस्त होकर 18 फीसदी पर आ जाएगी, जबकि वित्त वर्ष 24 में यह 20 फीसदी थी। इन कंपनियों पर भारतीय रिजर्व बैंक की कार्रवाई का प्रभाव नजर आता है।

एसऐंडपी ग्लोबल रेटिंग्स की क्रेडिट एनालिस्ट गीता चुघ ने एक बयान में कहा, ‘हमें लगता है कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की हालिया कार्रवाई से ऋणदाताओं के अति उत्साह में कमी आएगी, नियमों का पालन होगा और ग्राहकों के हितों की रक्षा होगी।’

एसऐंडपी की रिपोर्ट ‘इंडियन फिनकॉज बैलेंसिंग एक्ट’ के मुताबिक असुरक्षित व्यक्तिगत ऋण और वित्तीय कंपनियों को ऋण पर जोखिम भारांश बढ़ाने के भारतीय रिजर्व बैंक के फैसले का उद्देश्य विशेष तौर पर वृद्धि दर को काबू में रखना और बैंकों व वित्तीय कंपनियों के बीच परस्पर तालमेल को कम करना है।

Advertisement
First Published - September 24, 2024 | 10:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement