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लॉक-इन सुविधा से बाहर भेजें पैसा

Last Updated- December 11, 2022 | 6:10 PM IST

जून में रुपया 78 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर तक गिरने से उन लोगों पर दबाव बढ़ गया है, जिन्हें नियमित अंतराल के बाद विदेश में पैसा भेजना होता है। उनके लिए किफायती धन प्रेषक सेवा प्रदाता को चुनना ज्यादा अहम हो गया है। भारतीय मुख्य रूप से शिक्षा और यात्रा के लिए विदेश में पैसा भेजते हैं। ईबिक्सकैश वर्ल्ड मनी के प्रबंध निदेशक टी सी गुरुप्रसाद ने कहा, ‘वे हर साल 10 अरब डॉलर से अधिक भेजते हैं और यह आंकड़ा सालाना 20 फीसदी चक्रवृद्धिसालाना दर से बढ़ रहा है।’

नियमों को जानें
उदारीकृत धन प्रेषण योजना (एलआरएस) के तहत अल्पवयस्कों समेत सभी निवासी व्यक्ति किसी स्वीकृति योग्य चालू और पूंजी खाते लेनदेन या संयुक्त रूप से दोनों के लिए हर वित्त वर्ष में 2,50,000 डॉलर भेज सकते हैं। मुथूट पप्पाचान समूह के निदेशक जॉर्ज मुथूट ने कहा, ‘जिन ग्राहकों के बच्चे विदेश में बढ़ते हैं, उनके लिए एलआरएस फीस भरने और रहने-खाने के खर्च के लिए सुरक्षित एवं कारगर तरीका सुनि​श्चित करती है। बहुत से लोग इसका इस्तेमाल इलाज के लिए विदेश जाने पर भी करते हैं।’ शिक्षा और इलाज के लिए संबंधित दस्तावेज जमा कराकर 2,50,000 डॉलर की सीमा से अधिक धन भी भेजा जा सकता है।

प्रमुख तरीके
विदेश में पैसे भेजने के मुख्य रूप से तीन तरीके हैं। इनमें पहला बैंक हैं। दूसरा थ़ॉमस कुक वेस्टर्न यूनियन और मुथूट फिनकॉर्प जैसी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियां (एनबीएफसी) हैं, जिन्होंने वेस्टर्न यूनियन, मनीग्राम जैसी धन हस्तांतरण कंपनियों के साथ गठजोड़ किया हुआ है। तीसरा तरीका बुकमाईफॉरेक्स जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म हैं।
एमबी वेल्थ फाइनैंशियल सॉल्यूशंस के एम वर्बे ने कहा, ‘सेवा प्रदाता चुनते समय भरोसे, लागत और विनिमय दर का ध्यान रखें। यह पसंद इस पर भी निर्भर होनी चाहिए कि भेजी जाने वाली राशि​ कितनी है और कितनी बार पैसा भेजने की जरूरत है।’

बैंक: भरोसे में बेहतर
बैंक आपको वायर ट्रांसफर, नेट बैंकिंग और विदेशी मुद्रा चेक एवं डिमांड ड्राफ्ट के जरिये विदेश में धन भेजने की सुविधा मुहैया कराते हैं। एक्सिस बैंक में कार्यकारी उपाध्यक्ष और प्रमुख- निजी, प्रीमियम बैंकिंग और थर्ड पार्टी उत्पाद सतीश कृष्णमूर्ति ने कहा,’बैंक आम तौर पर सुरक्षा मुहैया कराते हैं। विदेशी करेस्पोंडेंट बैंकों के एक नेटवर्क के जरिये धन भेजा जाता है। ‘
बड़ी राशि के लिए बैंक सबसे बेहतर विकल्प हैं। ग्राहक नजदीकी शाखा में जा सकते हैं या बैंकों के ​डिजिटल प्लेटफॉर्म द्वारा मुहैया कराई जाने वाली धन प्रेषण सुविधा का इस्तेमाल कर सकते हैं। ऐक्सिस जैसे बैंक ग्राहकों को मोबाइल फोन के जरिये भी पैसा भेजने की सुविधा मुहैया कराते हैं। बर्वे कहते हैं, ‘बैंक सुविधाजनक विकल्प हैं क्योंकि केवाईसी की जरूरत कम होती है या पहले ही पूरी होती है।’

फीस पर दें ध्यान
धन भेजने की लागत के तीन मुख्य घटक होते हैं- लेनदेन शुल्क, विनिमय दर और विदेशी विनिमय दर पर जोड़ी गई राशि।
बैंक भरोसेमंद होते हैं, लेकिन उनकी लागत अधिक होती है।  आम तौर पर निजी बैंकों की लागत सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों से ​अ​धिक होती है। बैंक आम तौर पर विनिमय दर पर 1-2 फीसदी शुल्क वसूलते हैं। अमूमन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और फिनटेक कंपनियां बैंकों की तुलना में बेहतर दर मुहैया कराती हैं। कुछ एनबीएफसी का शुल्क इस बात पर निर्भर करता है कि पैसा किस देश में भेजना है, जबकि अन्य एक निश्चित शुल्क लेती हैं। मुथूट ने कहा, ‘हम प्रतिस्पर्धी और तात्कालिक विनिमय दर मुहैया कराते हैं।’ वे नाम मात्र की प्रोसेसिंग फीस लेते हैं।
कुछ ने गठजोड़ किए हैं। गुरुप्रसाद ने कहा, ‘एबिक्सकैश ने अंतरराष्ट्रीय कारोबार के लिए वेस्टर्न यूनियन, ग्लोबल पे, फ्लाईवायर, पे2स्टडी आदि के साथ करार किया है। ‘
बुकमाईफॉरेक्स जैसी कुछ सेवा प्रदाता ग्राहकों को विनिमय दर निश्चित करने की की सुविधा देती हैं। बुकमाईफॉरेक्स के संस्थापक और मुख्य कार्याधिकारी सुदर्शन मोटवानी ने कहा, ‘यह विकल्प आपको उस समय अपना ऑर्डर बुक करने की सुविधा देता है, जब आपको लगता है कि ​विनिमय दर अनकूल है। आप तीन कार्यदिवस के लिए दर तय कर सकते हैं।’ ग्राहकों को ​रिफंडेबल दर गारंटी जमा के रूप में ऑर्डर की राशि का 2 फीसदी भुगतान करना होता है।
कुछ कंपनियों ने विनिमय दर में पारदर्शिता को ग्राहकों को लुभाने का तरीका बनाया है। वाइज की कंट्री मैनेजर (भारत) रश्मि सतपुटे कहती हैं, ‘आप हस्तांतरण करते समय विनिमय दर देख सकते हैं। हम मिड-मार्केट विनिमय दर (कीमत लगाने और कीमत मांगे जाने का अंतर) का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें रॉयटर्स या गूगल पर बिना किसी बढ़ोतरी या छिपे शुल्क के देखा जा सकता है। वैश्विक स्तर पर विदेश धन भेजने की औसत कीमत 0.61 फीसदी है।’ जब आप कोई अलग मुद्रा भेजते हैं तो एक मामूली कन्जर्वन शुल्क लिया जाता है। अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपको सही दर मिल रही है या नहीं तो आप जिस जिन मुद्राओं में रुचि रखते हैं, उनकी इंटरबैंक दर ऑनलाइन देखें। दर की तुलना में बढ़ोतरी का अनुमान लगाने के लिए आपको पेशकश की जा रही विनिमय दर से तुलना करें। कुछ एनबीएफसी एक दिन में धन भेजने का दावा करती हैं। मोटवानी ने कहा, ‘ऑनलाइन चैनलों के जरिये भेजा गया पैसा आम तौर पर 48 से 74 घंटे में अपने गंतव्य तक पहुंचता है।’

विनिमय दर रखें नजर
विनिमय दर पर नजर बनाए रखें। बर्वे कहते हैं, ‘इसमें बदलाव होता रहता है। जब यह नीचे हो, उस समय उसका अनुबंध कर लें।’ जब मोटी राशि का मामला हो तो विनिमय दर में मामूली लाभ से ही काफी अंतर आ सकता है।
धन से संबंधित दस्तावेज भरते समय सही सूचनाएं मुहैया कराएं ताकि विदेशी विनिमय प्रबंधन ​अधिनियम (फेमा) से संबंधित दिक्कतों से बचा जा सके। अगर धन भेजने वाला हस्तांतरण शुल्क लेता है तो यह पता कर लें कि यह निश्चित है या भेजी जाने वाली राशि के प्रतिशत के रूप में है। इससे वास्तविक असर का पता चल जाएगा।
दूसरी तरफ एक निश्चित धनराशि प्राप्त हो, यह सुनिश्चित करने के लिए उस वास्तविक धनराशि का पता लगाएं, जिसका आपको भुगतान करना होग। कुछ मामलों में दूसरी तरफ की इकाई शुल्क काट सकती है, इसलिए प्राप्त धनराशि अनुमान से कम हो सकती है।
अगर आपको बाद में जांचने की जरूरत होगी तो अपने सभी लेनदेन का रिकॉर्ड रखें और धोखाधड़ी से बचने के लिए प्रतिष्ठित कंपनियों से जुड़े रहें।

लागत की प्रतिस्पर्धा में खास मुकाम
बैंक महंगे हैं, लेकिन उन पर भरोसा ज्यादा
बैंक भेजी जाने वाली राशि से 1 से 2 फीसदी शुल्क लेते हैं, जो ग्राहक के खाते की श्रेणी और लेनदेन के आकार तथा प्रकार पर निर्भर करता है। बहुत सी एनबीएफसी और धन प्रेषक कंपनियां शून्य या मामूली फीस वसूलती हैं, लेकिन वे विनिमय दर से अधिक पैसा लेकर करती हैं कमाई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और फिनटेक कंपनियां सस्ती हैं क्योंकि वे या तो ​शुल्क बिल्कुल नहीं लेतीं या 1 फीसदी से कम लेती हैं हरेक के शुल्क ढांचे की अपनी शब्दावली होती है, इसलिए पूरी लागत समझने के लिए विस्तृत आकलन करें।

First Published - June 20, 2022 | 12:56 AM IST

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