स्मॉल-कैप और मिड-कैप शेयरों में तेजी बरकरार है, क्योंकि लार्ज-कैप में कमजोरी के संकेत दिख रहे हैं। जुलाई में, निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक 8.1 प्रतिशत चढ़ा, और इस साल अब तक (वाईटीडी) के आधार पर उसमें 48.5 प्रतिशत की तेजी आई है, जबकि निफ्टी मिडकैप 100 में 3.1 प्रतिशत की मजबूती आई है और उसमें वाईटीडी वृद्घि 33.5 प्रतिशत रही है। दूसरी तरफ, निफ्टी-50 जुलाई महीने के लिए अपरिवर्तित बना रहा और इसमें वाईटीडी आधार पर 12.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई है।
न सिर्फ स्मॉल-कैप और मिड-कैप सूचकांकों ने 2014 से किसी कैलेंडर वर्ष के लिए अपनी अच्छी शानदार शुरुआत दर्ज की है बल्कि लार्ज-कैप के मुकाबले उनके प्रदर्शन भी रिकॉर्ड स्तरों पर हैं।
पिछले साल निफ्टी के मुकाबले गिरावट के साथ कारोबार कर रहे स्मॉल-कैप और मिड-कैप सूचकांकों के प्राइस-टु-अर्निंग्स (पी/ई) मल्टीपल में भी अब तेजी आ रही है। वहीं प्राइस-टु-बुक (पी/बी) आधार पर स्मॉल-कैप और मिड-कैप सूचकांक अपने लार्ज-कैप प्रतिस्पर्धियों से सस्ते हैं, लेकिन ऐतिहासिक औसत के मुकाबले महंगे हैं।
डॉयचे बैंक के मुख्य निवेश अधिकारी (भारत) मयंक खेमका का कहना है, ‘मिड-कैप और स्मॉल-कैप सूचकांक वित्त वर्ष 21-22 की आय के 23.1 गुना और 22.1 गुना के पीई अनुपात के साथ लार्ज-कैप सूचकांक के मुकाबले ऊपर कारोबार कर रहे हैं।’ उनका कहना है कि सेक्टर रोटेशन और मिड/स्मॉल-कैप के मजबूत प्रदर्शन इस साल दो सबसे बड़े थीम हैं।
इसलिए, सवाल यह पैदा होता है कि क्या प्रमुख सूचकांक में तेजी तर्कहीन उत्साह का संकेत है, या यह बुनियादी आधार पर केंद्रित है? इसे लेकर विश्लेषक विभाजित हैं। जहां एक तरफ, स्मॉल-कैप और मिड-कैप कंपनियों द्वारा लार्ज-कैप के मुकाबले श्रेष्ठ आय वृद्घि दर्ज किए जाने की संभावना है। इसके अलावा, इस साल यह मजबूत प्रदर्शन तीन साल की बड़ी कमजोरी के बाद दर्ज किया जा रहा है। दूसरी तरफ, इसे लेकर चिंताएं हैं कि कुछ क्षेत्रों में तेजी शेयर चयन की महत्ता के आधार पर काफी मजबूत हो गई है।
आदित्य बिड़ला सनलाइफ एएमसी के प्रमुख (अल्टरनेट ऐसेट्स इक्विटी इन्वेस्टमेंट) विशाल गजवानी का कहना है कि जहां स्मॉल-कैप और मिड-कैप ने लार्ज-कैप के अनुरूप प्रदर्शन किया है, वहीं इनमें से कुछ के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करने की गुंजाइश बनी हुई है। उन्होंने कहा, ‘डायग्नोस्टिक और केमिकल्स जैसे कई उभरते क्षेत्र स्मॉल-कैप और मिड-कैप सेगमेंट का हिस्सा हैं। ये उच्च गुणवत्ता वाले और अच्छी वृद्घि वाले व्यवसायों से जुड़े हुए हैं। हालांकि इन्होंने कुछ समय से, 3-5 साल के नजरिये से काफी अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन इनमें मजबूत प्रदर्शन आगे भी बना रह सकता है।’ निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक में लगातार 14वें महीने तेजी दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप 100 सूचकांक ने 14 महीनों में से 13 में सकारात्मक प्रतिफल दिया है।
इक्विनोमिक्स के संस्थापक जी चोकालिंगम ने कहा, ‘छोटे निवेशक इस सेगमेंट में पैसा लगा रहे हैं। कई निवेशक लगातार तेजी को देखते हुए अपने निवेश दांव बढ़ा रहे हैं। अगले तीन महीनों के दौरान मुझे किसी बड़ी गिरावट की आशंका नहीं दिख रही है, लेकिन आपको सतर्क रहना होगा। एफपीआई अच्छे मुनाफा में हैं। इससे वर्ष के अंत में कुछ मुनाफावसूली हो सकती है।’
आईसीआईसीआई डायरेक्ट के टेक्नीकल प्रमुख धर्मेश शाह के अनुसार, तकनीकी आधार पर भी, यह सगमेंट आशाजनक दिख रहा है। उन्होंने कहा, ‘ऊंचे स्तरों के निर्माण और ऊंची खरीदारी मांग निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में तेजी के अगले चरण के लिहाज से अच्छा संकेत है। जून 2020 से, इंटरमीडिएट करेक्शन यानी मध्यम गिरावट 10 सप्ताह के ईएमए (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के आसपास दर्ज की गई है। कीमत के हिसाब से, सूचकांक ने 10 प्रतिशत से ज्यादा की इंटरमीडिएट करेक्शन को पार नहीं किया है, जिससे आखिरकार खरीदारी अवसर को बढ़ावा दिया है।’
बाजार पर्यवेक्षकों का कहना है कि शीर्ष-500 श्रेणी में कई शेयरों पर पूरा असर दिखा है और निवेशक प्रमुख बाजार सूचकांक में खरीदारी अवसर तलाश
रहे हैं। स्वतंत्र बाजार विश्लेषक अंबरीश बालिगा का कहना है, ‘चूंकि कई निवेशक बाजार में आ रहे हैं, इसलिए हर कोई अगली बड़ी तेजी की उम्मीद कर रहा है। अगली बड़ी तेजी सिर्फ स्मॉल-कैप या मिड-कैप में देखी जा सकती है। कई लार्ज-कैप पर स्थिति स्पष्ट है और निवेशकों द्वारा इन पर नजर रखी जा रही है। मिड-कैप और स्मॉल-कैप पर पूरी तरह जांच और शोध होना है।’