Startup India Schemes:देश में स्टार्टअप की राह आसान बनाने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है। उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) स्टार्ट-अप के लिए क्रेडिट गारंटी और सीड फंड योजना पर काम कर रहा है। DPIIT के सचिव गुरुप्रसाद मोहपात्रा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्टार्ट-अप के लिए क्रेडिट गारंटी और सीड फंड स्कीम को लेकर अंतर-मंत्रालयी स्तर पर विचार-विमर्श की प्रक्रिया चल रही है।
क्रेडिट गारंटी स्कीम के लिए बनाया जाएगा कोष
गुरुप्रसाद मोहपात्रा ने एक इंटरव्यू में बताया कि क्रेडिट गारंटी स्कीम के लिए सरकार एक कोष बनाएगी। इस कोष के माध्यम से बैंक स्टार्ट-अप्स को ऋण दे सकेंगे। इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस स्कीम के तहत मिलने वाला ऋण कैपेक्स क्रेडिट होगा न की वेंचर कैपिटल। आपको बता दें कि वेंचर कैपिटल स्टार्ट-अप को न केवल आर्थिक रूप से सहारा देते हैं, बल्कि महत्वपूर्ण मामलों में स्टार्ट-अप का मार्गदर्शन भी करते हैं। यह परामर्श तकनीकी या प्रबंधन से जुड़ा हो सकता है। स्टार्ट-अप को आगे ले जाने में यह सहायक साबित होता है।
वित्त मंत्रालय से लेनी होगी मंजूरी
DPIIT के सचिव गुरुप्रसाद मोहपात्रा ने बताया कि दोनो योजनाओं को पहले वित्त मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी। इसके बाद DPIIT इन योजनाओं के लिए कैबिनेट से स्वीकृति लेगा। यह योजना स्टार्टअप को जरूरी बंधक मुक्त कर्ज देने में मदद करेगी। एमआई में वित्तीय मध्यस्थ (बैंक, वित्तीय संस्थान, एनबीएफसी, एआईएफ) शामिल हैं। ये संस्थान ऋण देने के लिए योजना के तहत पात्र हैं। विभाग ने कहा, ‘प्रति उधारकर्ता अधिकतम गारंटी कवर 10 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगा। यहां कवर की जा रही क्रेडिट सुविधा किसी अन्य गारंटी योजना के तहत कवर नहीं की जानी चाहिए।’
स्टार्ट-अप के लिए धन जुटाने के लिए गुजरात एवं केरल जैसे कुछ राज्यों में सीड फंड जैसी योजनाएं पहले से ही हैं। कुछ केंद्रीय मंत्रालय भी इस तरह की योजना चला रहे हैं। सरकार इस मामले में एक देशव्यापी योजना लाना चाहती है।