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बाजार पर कोरोना की तीसरी लहर का नहीं डर

Last Updated- December 12, 2022 | 2:37 AM IST

बीएस बातचीत

किमेंग सिक्योरिटीज इंडिया के मुख्य कार्याधिकारी जिगर शाह ने पुनीत वाधवा के साथ एक साक्षात्कार में बताया कि आर्थिक सुधार की गति तेजी हुई है और प्रमुख सूचकांकों ने नई ऊंचाइयों को छुआ है, लेकिन निर्यात-केंद्रित, दूरसंचार और कंज्यूमर स्टैपल्स क्षेत्रों के अच्छे प्रदर्शन के साथ जून तिमाही की आय मिश्रित रहेगी। उनका मानना है कि वाहन और सीमेंट कंपनियां और बैंकों के प्रदर्शन में कुछ कमजोरी देखी जा सकती है। पेश हैं बातचीत के मुख्य अंश:
सेंसेक्स नई ऊंचाई पर पहुंचने से क्या बाजारों में अब ठहराव आएगा और वे तेजी के लिए कॉरपोरेट आय पर निर्भर करेंगे?
वित्त वर्ष 2021 एक दशक में कॉरपोरेट आय के संदर्भ में अच्छे वर्षों में से एक था। हम इसे लेकर आशंकित हैं कि क्या यह प्रदर्शन फिर से दोहराया जा सकता है, क्योंकि मूल्यांकन निफ्टी पर 22 गुना के एक वर्षीय पीई पर कम है, कोविड-19 से चुनौतियां बरकरार हैं, क्योंकि टीकाकरण अभियान की गति अनुमान से कमजोर है, मुद्रास्फीति/ब्याज दरों में तेजी आई है। निफ्टी के लिए हमारा ताजा लक्ष्य 13,000 है।

क्या कोरोना महामारी की तीसरी लहर का बाजार पर असर दिख रहा है?
बाजार पूरी तरह से मजबूत हैं और उनमें तीसरी लहर का डर नहीं दिख रहा है। संपूर्ण लॉकडाउन की आशंका कम है, इसलिए बाजार और कुछ हद तक व्यवसाय तीसरी लहर को लेकर कम चिंतित हैं। हालांकि इस वायरस के अनिश्चित स्वरूप और उसके प्रभाव को देखते हुए इसे हलके में नहीं लिया जा सकता। इसके अलावा और ज्यादा वित्तीय प्रोत्साहन मुहैया कराने की क्षमता भी अब कमजोर पड़ गई है।

कई आईपीओ आने वाले हैं, जिसे देखते हुए क्या सेकंडरी बाजार में तरलता पर प्राथमिक बाजार की वजह से दबाव दिखेगा?
करीब 10 अरब डॉलर मूल्य के आईपीओ आने हैं और इस वित्त वर्ष में बड़ी संख्या में आईपीओ की तैयारी हो रही है। वैसे इसे लेकर स्थिति काफी हद तक बाजार धारणा और ब्याज दरों पर निर्भर करेगी। अल्पावधि में प्राथमिक बाजार की पेशकशों में तेजी की स्थिति में, सेकंडरी बाजार में प्रवाह प्रभावित हो सकता है। लेकिन हां, अच्छी गुणवत्ता की पेशकशों के लिए दिलचस्पी संस्थागत खंड से बनी हुई है। महत्वपूर्ण कारक रिटेल भागीदारी, आईपीओ और प्लेसमेंट के मूल्य निर्धारण और इन नए पत्रों से लाभ के लिए निवेशकों के लिए अवसरों से जुड़ा होगा। यदि कीमतें ऊंची रहीं तो आईपीओ के बाद बड़े शेयरों पर दबाव पड़ सकता है, और इससे निवेशक दिलचस्पी प्रभावित होगी।

क्या सरकारी कर्मियों के महंगाई भत्तों में वृद्घि से खपत बढ़ाने में बड़ी मदद मिलेगी?
यह अच्छा है, लेकिन समुद्र में एक बूंद जैसा है। खपत में ज्यादा वृद्घि के लिए हमें जीएसटी दरों में कटौती करने या करों के संबंध में कुछ अन्य प्रत्यक्ष उपाय करने की जरूरत होगी, लेकिन यह वर्ष के मध्य में संभव नहीं दिख रहा है। निवेशकों को खपत-आधारित शेयरों पर ध्यान बनाए रखना चाहिए, क्योंकि खपत शहरी और ग्रामीण इलाकों दोनों में मजबूत बनी हुई है। अल्पावधि में समस्या सिर्फ जिंस कीमतों और तेल की बढ़ती लागत को लेकर है।

वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही और वित्त वर्ष 2022 के आंकड़ों से क्या उम्मीदें हैं?
निफ्टी शेयरों के संदर्भ में कैलेंडर वर्ष 2021 आय के लिए खपत अनुमान 40 प्रतिशत की सालाना वृद्घि पर है। यह वित्त वर्ष 2021 के कमजोर वर्ष की वजह से है, जिस पर महामारी से प्रभाव पड़ा था।

जून तिमाही के आंकड़ों के बारे में आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
जून तिमाही की आय मिश्रित रहेगी क्योंकि निर्यात-केंद्रित क्षेत्र अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, और साथ ही दूरसंचार तथा कंज्यूमर स्टैपल्स भी अच्छी स्थिति में हैं। वाहन और सीमेंट कंपनियों और बैंकों पर कुछ कमजोरी देखी जा सकती है। हम सॉफ्टवेयर, दूरसंचार, और ट्रैक्टर पर ओवरवेट, सीमेंट पर न्यूट्रल, और कार, ट्रकों, मीडिया, और सरकार के स्वामित्व वाले बैंकों पर नकारात्मक हैं।

सीमेंट, चीनी, कागज और स्पेशियल्टी केमिकल क्षेत्रों में निवेशकों का रुझान कैसा है?
निवेशक स्मॉल-कैप और मिड-कैप की ओर रुख कर रहे हैं, जो काफी सस्ते थे, लेकिन अब चढ़ गए हैं और 2021 में लाज-कैप से ज्यादा मजबूत हुए हैं। तेजी की वजह से ही चीनी, कागज, स्पेशियल्टी केमिकल्स और अन्य शेयरों में मजबूती आई। इनमें बुनियादी आधार पर भी सुधार देखा गया था।

First Published - July 18, 2021 | 11:27 PM IST

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