बीएस बातचीत
सेंट्रम समूह के कार्यकारी चेयरमैन जसपाल बिंद्रा ने मनोजित साहा को दिए साक्षात्कार में कहा कि कंपनी ने एसएफबी में 1,800 करोड़ रुपये की पूंजी लगाने की प्रतिबद्घता जताई है, जिसमें से 900 करोड़ रुपये पहले वर्ष लगाए जाएंगे। पेश हैं उनसे बातचीत के मुख्य अंश:
पीएमसी बैंक अधिग्रहण में सेंट्रम की दिलचस्पी का मुख्य कारण क्या था?
सेंट्रम में आने के बाद से ही मेरी योजना बैंक के तौर पर पहचान बनाने की थी। यह एक ऐसा अवसर था जिस पर हमने महामारी के दौरान ध्यान दिया। एसएफबी लाइसेंस हासिल करने का मुख्य लाभ डिपोजिट फ्रेंचाइजी तैयार करने में सक्षम होना होगा। चूंकि, जैसा कि आपने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के अनुभव को देखा है, ऋण हासिल करना आसान नहीं रहा है। इसलिए, हमारा मानना है कि डिपोजिट फ्रेंचाइजी होना बेहद महत्वपूर्ण है।
सेंट्रम फाइनैंशियल सर्विसेज होल्डिंग कंपनी सेंट्रम कैपिटल का हिस्सा है। समूह की अन्य कंपनियां कौन सी हैं?
सेंट्रम कैपिटल समूह की होल्डिंग कंपनी है। सेंट्रम फाइनैंशियल सर्विसेज एनबीएफसी है जो एमएसएमई व्यवसाय करती है। हमारे पास तीन एनबीएफसी हैं। एक एनबीएफसी किफायती आवासीय क्षेत्र को वित्तीय सुविधा प्रदान करती है। अन्य सूक्ष्म वित्त से जुड़ी है। एमएसएमई से संबंधित एनबीएफसी को लाइसेंस मिल गया है। सेंट्रम फाइनैंशियल की ऋण बुक 31 मार्च, 2021 क 1,000 करोड़ रुपये की थी।
पीएमसी बैंक द्वारा परिचालन कब से पुन: शुरू किए जाने की संभावना है?
हमें बैंक चालू करने की स्थिति में आने के लिए आरबीआई द्वारा 120 दिन यानी चार महीने दिए गए हैं। हम इस समय-सीमा पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे। जब हम बैंक के तौर पर परिचालन कर रहे होंगे, चार महीने के अंत में, तो आरबीआई पीएमसी के लिए एकीकरण की योजना तैयार करेगा। यह योजना मंजूरी के लिए सरकार के पास जाएगी। जब इसे मंजूरी मिल जाएगी, इसे प्रतिक्रिया के लिए सार्वजनिक किया जाएगा। प्रतिक्रियाएं मिलने के बाद आरबीआई और सरकार इसकी समीक्षा करेंगी।
क्या प्रक्रिया उसी तरह की है जैसा कि येस बैंक और लक्ष्मी विलास बैंक के पुनर्विकास की थी?
एलवीबी और येस बैंक के मामले में अच्छी बात यह थी कि दोनों पक्ष बैंक थे। हमारे मामले में चूंकि हम एनबीएफसी हैं, किसी बैंक और एनबीएफसी के बीच विलय नहीं कर सकते। यह बैंक को बैंक के साथ करना होगा। इसलिए हमें पहले एक बैंक के तौर पर परिचालन करना होगा। अन्यथा, यह साथ साथ होगा।
नए बैंक का क्या नाम होगा?
हमने अभी इसके बारे में अंतिम निर्णय नहीं लिया है। इस पर विचार हो रहा है।
क्या सेंट्रम और भारत पे नए बैंक के संयुक्त प्रवर्तक होंगे?
आरबीआई संयुक्त प्रवर्तकों की अनुमति नहीं देता है। सेंट्रम एकमात्र प्रवर्तक होगी। लेकिन वे समान भागीदार होंगे।
क्या आप बैंक के लिए पूंजी जुटाना चाहेंगे?
हमें बैंक के लिए पूंजी जुटाने की जरूरत नहीं है। हमने 200 करोड़ (जो एसएफबी के लिए आरबीआई मानकों के तहत अनिवार्य है) के मुकाबले एसएफबी के लिए 1,800 करोड़ रुपये की प्रतिबद्घता जताई है। यदि हम अधिग्रहण करना चाहेंगे तो हम इसे जुटा सकते हैं। 1,800 करोड़ रुपये में से 900 करोड़ रुपये पहले साल खर्च किए जाएंगे।