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देश के कई हिस्सों में अप्रैल के दौरान तापमान सामान्य या इससे कम रह सकता है और बारिश सामान्य से अधिक होने की संभावना है। मौसम विभाग ने मंगलवार को अप्रैल महीने के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा कि इस माह अधिकतम तापमान सामान्य या इससे कम रह सकता है, जबकि वर्षा सामान्य से 112 प्रतिशत दीर्घावधि के औसत (एलपीए) से अधिक होने की उम्मीद है।
इसमें यह भी कहा गया है कि अधिकांश मौसम मॉडल जून के बाद शुरू होने वाले मॉनसून सीजन के दौरान अल नीनो प्रभाव का संकेत दे रहे हैं। मौसम विभाग ने हालांकि यह नहीं बताया कि अल नीनो का भारतीय मॉनसून पर प्रभाव पड़ेगा या नहीं। उसने कहा कि इस बारे में अप्रैल के मध्य में वार्षिक मॉनसून पूर्वानुमान के दौरान विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, ‘मॉनसून किसी एक कारक पर निर्भर नहीं करता, बल्कि यह क्रमवार घटनाओं से प्रभावित होकर अपनी राह बनाता है।’ उन्होंने कहा कि मॉडल संकेत दे रहे हैं कि मॉनसून को प्रभावित करने वाला कारक भारतीय महासागर द्विध्रुव आधे सीजन के बाद सकारात्मक रहने की उम्मीद है। इस बीच, यदि उत्तरी और मध्य भारत में अप्रैल सामान्य से अधिक नम और ठंडा रहा, तो यह देर से बोई गई रबी फसलों को प्रभावित कर सकता है।
मौसम विभाग ने यह भी कहा कि पूर्व, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में अप्रैल और जून के बीच सामान्य से अधिक लू चल सकती हैं। गर्मी सीजन के इन महीनों के दौरान देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या इससे कम रहने की उम्मीद है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों और मध्य भारत के पूर्वी हिस्सों समेत आसपास के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रह सकता है।