facebookmetapixel
Advertisement
M&M का EV प्लान! सिर्फ नई कार नहीं, पूरी फैक्ट्री बदल रही कंपनीराज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिका

अप्रैल में बारिश की बौछार के साथ गर्मी का प्रहार भी! IMD ने जारी किया अगले महीने का मिला-जुला अपडेट

Advertisement

मौसम विभाग ने कहा कि पूर्व, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में अप्रैल और जून के बीच सामान्य से अधिक लू चल सकती हैं

Last Updated- March 31, 2026 | 10:47 PM IST
Rain
फोटो क्रेडिट: PTI

देश के कई हिस्सों में अप्रैल के दौरान तापमान सामान्य या इससे कम रह सकता है और बारिश सामान्य से अ​धिक होने की संभावना है। मौसम विभाग ने मंगलवार को अप्रैल महीने के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा कि इस माह अधिकतम तापमान सामान्य या इससे कम रह सकता है, जबकि वर्षा सामान्य से 112 प्रतिशत दीर्घाव​धि के औसत (एलपीए) से अधिक होने की उम्मीद है।

इसमें यह भी कहा गया है कि अधिकांश मौसम मॉडल जून के बाद शुरू होने वाले मॉनसून सीजन के दौरान अल नीनो प्रभाव का संकेत दे रहे हैं। मौसम विभाग ने हालांकि यह नहीं बताया कि अल नीनो का भारतीय मॉनसून पर प्रभाव पड़ेगा या नहीं। उसने कहा कि इस बारे में अप्रैल के मध्य में वार्षिक मॉनसून पूर्वानुमान के दौरान विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।

मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्र ने कहा, ‘मॉनसून किसी एक कारक पर निर्भर नहीं करता, बल्कि यह क्रमवार घटनाओं से प्रभावित होकर अपनी राह बनाता है।’ उन्होंने कहा कि मॉडल संकेत दे रहे हैं कि मॉनसून को प्रभावित करने वाला कारक भारतीय महासागर द्विध्रुव आधे सीजन के बाद सकारात्मक रहने की उम्मीद है। इस बीच, यदि उत्तरी और मध्य भारत में अप्रैल सामान्य से अधिक नम और ठंडा रहा, तो यह देर से बोई गई रबी फसलों को प्रभावित कर सकता है।

मौसम विभाग ने यह भी कहा कि पूर्व, मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों के साथ-साथ दक्षिण-पूर्वी प्रायद्वीप में अप्रैल और जून के बीच सामान्य से अधिक लू चल सकती हैं। गर्मी सीजन के इन महीनों के दौरान देश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य या इससे कम रहने की उम्मीद है। पूर्व और पूर्वोत्तर भारत के अधिकांश हिस्सों और मध्य भारत के पूर्वी हिस्सों समेत आसपास के प्रायद्वीपीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक रह सकता है।

Advertisement
First Published - March 31, 2026 | 10:47 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement