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भारत में नकदी का चलन फिर बढ़ा, जानिए इसके पीछे की बड़ी वजह

42 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंची मुद्रा, RBI डेटा ने बढ़ाई चर्चा

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अंजलि कुमारी   
Last Updated- May 22, 2026 | 8:24 AM IST

मुद्रा के परिचालन में जबरदस्त तेजी बनी हुई है। भारतीय रिजर्व बैंक के जारी नवीनतम आंकड़ों के अनुसार मुद्रा का परिचालन 15 मई तक सालाना आधार पर 11.5 प्रतिशत बढ़कर 42.86 लाख करोड़ रुपये हो गया – यह रिकॉर्ड उच्च स्तर है।

निरपेक्ष शब्दों में, वित्त वर्ष 2026-27 के पहले डेढ़ महीनों में मुद्रा के परिचालन में 1.15 लाख करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है। यह डिजिटल भुगतान में निरंतर वृद्धि के बावजूद नकदी की निरंतर मांग को दर्शाता है। मु्द्रा का परिचालन 31 मार्च, 2026 तक सालाना आधार पर 11.9 प्रतिशत बढ़कर 41.47 लाख करोड़ रुपये था जबकि यह एक साल पहले 32.24 लाख करो़ड़ रुपये था। अर्थशास्त्रियों ने नकदी रखने में वृद्धि के लिए कई कारकों को जिम्मेदार ठहराया है।

इनमें चुनाव-संबंधी खर्च, ग्रामीण गतिविधियों में मजबूती, मुद्रास्फीति और वित्तीय संपत्तियों में अस्थिरता के बीच नकदी की उच्च एहतियाती मांग शामिल है। बैंक ऑफ बड़ौदा के मुख्य अर्थशास्त्री मदन सबनवीस ने कहा, ‘पिछले कुछ महीनों में परिचालन में मुद्रा में वृद्धि कई कारकों से प्रेरित प्रतीत होती है। नकदी अभी भी बड़ी संख्या में लेन-देन के लिए पसंदीदा माध्यम बनी हुई है जबकि चुनाव-संबंधी खर्च भी आम तौर पर मतदान अवधि से पहले मुद्रा की मांग में वृद्धि का कारण बनता है।’

उन्होंने आगे कहा, ‘इसके अलावा, वित्तीय संपत्तियों में अस्थिरता के बीच परिवार मूल्य के एहतियाती भंडार के रूप में अधिक नकदी रख रहे हैं और इससे मुद्रा में परिचालन को बढ़ावा मिला है। विश्लेषकों ने उच्च नकदी उपयोग का समर्थन करने वाले कारकों के रूप में ग्रामीण आय में सुधार और मजबूत ग्रामीण मांग के रुझानों की ओर भी इशारा किया।

First Published : May 22, 2026 | 8:24 AM IST