दिल्ली सरकार ने राजधानी में कई मेट्रो स्टेशनों, चौकों और सार्वजनिक स्थानों के नाम बदलने को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य स्थानीय पहचान को मजबूत करना और लोगों के लिए जगहों की पहचान को आसान बनाना है। यह फैसला बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई स्टेट नेम्स अथॉरिटी की बैठक में लिया गया।
दिल्ली सरकार के मुताबिक, जिन जगहों के नाम बदले जा रहे हैं, उन्हें दिल्ली के सामाजिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व से जोड़ने की कोशिश की गई है। सरकार का मानना है कि इससे लोगों को आसपास के अस्पतालों, इलाकों और महत्वपूर्ण संस्थानों की पहचान करने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पहल दिल्ली से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्वों और ऐतिहासिक स्थानों को सम्मान देने के उद्देश्य से की जा रही है।
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सरकार ने रोहिणी वेस्ट मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर ‘डॉ बाबा साहेब अंबेडकर हॉस्पिटल मेट्रो स्टेशन’ करने का फैसला लिया है। यह स्टेशन एक बड़े अस्पताल के पास स्थित है, इसलिए नया नाम यात्रियों के लिए ज्यादा उपयोगी माना जा रहा है। इसके अलावा रोहिणी ईस्ट मेट्रो स्टेशन का नाम अब ‘रोहिणी मेट्रो स्टेशन’ होगा। सरकार का कहना है कि छोटा और सरल नाम यात्रियों को आसानी से याद रहेगा। वहीं, द्वारका मेट्रो स्टेशन का नाम बदलकर ‘द्वारका-ककरोला मेट्रो स्टेशन’ रखा जाएगा।
मेट्रो स्टेशनों के अलावा दिल्ली सरकार ने कई सार्वजनिक स्थानों और निर्माणाधीन परियोजनाओं के नाम बदलने को भी मंजूरी दी है। शकूरपुर स्थित ब्रिटानिया चौक का नाम अब ‘अश्विनी चोपड़ा (मिन्ना) चौक’ होगा। अश्विनी चोपड़ा वरिष्ठ पत्रकार और करनाल से पूर्व सांसद रहे थे। रोहिणी के बेगमपुर में बन रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का नाम ‘अटल खेल परिसर’ रखा गया है। यह नाम पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के सम्मान में दिया गया है।
सरकार ने यहां अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा लगाने की भी मंजूरी दी है। इसके अलावा ज्वालापुरी में बन रहे अस्पताल का नाम ‘बाबा रामदेवजी महाराज अस्पताल’ रखा जाएगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला स्थानीय भावनाओं और सांस्कृतिक जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।