प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
भीषण गर्मी का असर दिल्ली में बिजली खपत पर साफ दिखाई दे रहा है। दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग लगातार बढ़ रही है और यह 8,000 मेगावाट को पार कर 8,439 मेगावाट के स्तर पर इस साल के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच चुकी है। खास बात यह है कि मई 2025 में दिल्ली की अधिकतम बिजली मांग एक भी बार 8,000 मेगावाट तक नहीं पहुंची थी। हालांकि 2024 में ऐसा हुआ था।
दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग बीते 6 दिनों में 4 बार 8,000 मेगावाट के स्तर को पार कर चुकी है। दिल्ली एसएलडीसी (स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर) के आंकड़ों के अनुसार दिल्ली में 20 मई को पहली बार बिजली की अधिकतम मांग 8,000 मेगावाट पार कर 8,039 मेगावाट दर्ज की गई थी। आज इसने इस साल का रिकॉर्ड स्तर 8,439 मेगावाट छू लिया। इससे पहले 2024 में मई महीने में बिजली की अधिकतम मांग 8,000 मेगावाट के पार गई थी।
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इस साल गर्मियों में दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग में और बढ़ोतरी होने की संभावना है। एसएलडीसी के अनुमान के मुताबिक इस साल दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग पहली बार 9,000 मेगावाट को पार कर ऑल टाइम हाई पर पहुंच सकती है। इसीके साथ दिल्ली में बिजली की मांग का रिकॉर्ड टूट सकता है। दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग का रिकॉर्ड 8,656 मेगावाट है, जो 2024 में बना था। पिछले साल दिल्ली में बिजली की अधिकतम मांग 8,442 मेगावाट थी।
बीएसईएस डिस्कॉम का दावा है कि कंपनी ने अधिकतम मांग को पूरा करने के इंतजाम कर लिए हैं। हालांकि दिल्ली में बिजली की मांग बढ़ने के साथ ही कई इलाकों में बिजली कटौती की शिकायतें आ रही हैं।
| वर्ष | मांग | तारीख |
| 2026 | 8,439* | 25 मई |
| 2025 | 7,748 | 12 जून |
| 2024 | 8,302 | 29 मई |
| 2023 | 6,916 | 23 मई |