प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
पश्चिम एशिया संकट के चलते देश में तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की कमी को देखते हुए सरकार ने अगले 60 दिनों के लिए केरोसिन वितरण नियमों में ढील दी है, ताकि खाना पकाने के लिए ईंधन के संकट का सामना न करना पड़े। सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा संचालित चुनिंदा पेट्रोल पंप केरोसिन वितरित कर सकेंगे। इसमें वे 21 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं, जिन्हें पहले ‘केरोसिन-मुक्त’ घोषित किया गया था।
राजपत्र अधिसूचना में कहा गया है, ‘दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित करने वाली मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) वाले केरोसिन तेल का अस्थायी आवंटन करने का निर्णय लिया है, जिसमें दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश आदि वे 21 राज्य/केंद्र शासित प्रदेश भी शामिल हैं, जिन्हें पीडीएस केरोसिन से मुक्त घोषित किया गया है। इस कदम का उद्देश्य घरों में खाना पकाने और प्रकाश व्यवस्था के लिए पर्याप्त तेल आपूर्ति सुनिश्चित करना है।’
सरकार ने खाना पकाने के लिए ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए तेल मार्केटिंग कंपनियों को 2,500 लीटर तक केरोसिन का भंडारण करने की भी अस्थायी तौर पर अनुमति दी है। प्रत्येक जिले में राज्य सरकार या केंद्र शासित प्रदेश के प्रशासन द्वारा नामित अधिकतम दो पेट्रोल पंप केरोसिन वितरित कर सकेंगे।
इन पेट्रोल पंपों पर केरोसिन भरने के लिए एजेंट और डीलर को लाइसेंस लेने से छूट दी गई है, जबकि पहले से लाइसेंसधारी टैंकर वाहनों को भी इसके लिए अतिरिक्त अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। यह छूट कड़ाई से सुरक्षा मानकों और पेट्रोलियम एवं विस्फोटक सुरक्षा संगठन (पीईएसओ) द्वारा जारी संचालन संबंधी दिशानिर्देशों का पालन करने की शर्त पर दी गई है।