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भीषण गर्मी का डबल अटैक: कम बारिश की आशंका से जलाशयों में घटता पानी बना चिंता

40°C से ऊपर तापमान, लू का खतरा और आधी क्षमता से कम जल भंडार—आगे और गंभीर हो सकती है स्थिति

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स्नेहा शशिकुमार   
Last Updated- April 30, 2026 | 8:52 AM IST

इस महीने अधिकतम तापमान कई बार 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। महीने के दौरान यह सात बार 45 डिग्री सेल्सियस के बिंदु से ऊपर भी पहुंचा है। रातें गर्म हैं। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने लू की चेतावनी जारी की है। यही नहीं, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लिए रात में गर्मी बढ़ने की चेतावनी जारी की गई है।

लगातार बढ़ती गर्मी और आगे मौसम के और कड़ा रुख अपनाने की संभावना के बीच देश के जलाशयों में पानी का स्तर चिंता बढ़ा रहा है। यह पिछले दशक में अप्रैल और मई के दौरान कभी भी क्षमता के आधे तक नहीं पहुंचा है। इससे यह आने वाले भीषण गर्मी के दिनों में पानी की उपलब्धता को लेकर स्थिति गंभीर होने का संकेत दे रहा है।

कई साल के रुझान से पता चलता है कि अप्रैल और मई के दौरान साप्ताहिक उच्चतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा है। वर्ष 2024 में यह मई के चौथे सप्ताह में 50 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया था। मौसम विभाग के अनुसार इस सीजन में 2011 के बाद सबसे अधिक लू वाले दिन दर्ज किए गए हैं।

अमूमन हर साल गर्मियों के दौरान जलाशयों का पानी घटता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है, लेकिन इस सीजन अप्रैल के दौरान जलाशयों के भंडारण में काफी सुधार हुआ है, जो इस महीने अब तक 40 प्रतिशत क्षमता से ऊपर बना हुआ है। आने वाले महीनों विशेषकर मॉनसून (जून-सितंबर) में स्थिति क्या रहेगी, इसका इंतजार करना होगा, क्योंकि विभाग ने इस बार सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जारी किया है।

वर्ष 2016 से अप्रैल और मई के दौरान देश के दक्षिणी हिस्से में पानी का भंडार सबसे कम रहा है। इस अवधि में शायद ही इसने कभी 35 प्रतिशत क्षमता को पार किया हो। वर्ष 2017 में तो यह 10 प्रतिशत तक गिर गया था।

First Published : April 30, 2026 | 8:52 AM IST