facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

भीषण गर्मी का डबल अटैक: कम बारिश की आशंका से जलाशयों में घटता पानी बना चिंता

Advertisement

40°C से ऊपर तापमान, लू का खतरा और आधी क्षमता से कम जल भंडार—आगे और गंभीर हो सकती है स्थिति

Last Updated- April 30, 2026 | 8:52 AM IST
Heatwaves
Representational Image

इस महीने अधिकतम तापमान कई बार 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है। महीने के दौरान यह सात बार 45 डिग्री सेल्सियस के बिंदु से ऊपर भी पहुंचा है। रातें गर्म हैं। इसे देखते हुए मौसम विभाग ने लू की चेतावनी जारी की है। यही नहीं, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के लिए रात में गर्मी बढ़ने की चेतावनी जारी की गई है।

लगातार बढ़ती गर्मी और आगे मौसम के और कड़ा रुख अपनाने की संभावना के बीच देश के जलाशयों में पानी का स्तर चिंता बढ़ा रहा है। यह पिछले दशक में अप्रैल और मई के दौरान कभी भी क्षमता के आधे तक नहीं पहुंचा है। इससे यह आने वाले भीषण गर्मी के दिनों में पानी की उपलब्धता को लेकर स्थिति गंभीर होने का संकेत दे रहा है।

कई साल के रुझान से पता चलता है कि अप्रैल और मई के दौरान साप्ताहिक उच्चतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा है। वर्ष 2024 में यह मई के चौथे सप्ताह में 50 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया था। मौसम विभाग के अनुसार इस सीजन में 2011 के बाद सबसे अधिक लू वाले दिन दर्ज किए गए हैं।

अमूमन हर साल गर्मियों के दौरान जलाशयों का पानी घटता है। इस बार भी ऐसा ही हुआ है, लेकिन इस सीजन अप्रैल के दौरान जलाशयों के भंडारण में काफी सुधार हुआ है, जो इस महीने अब तक 40 प्रतिशत क्षमता से ऊपर बना हुआ है। आने वाले महीनों विशेषकर मॉनसून (जून-सितंबर) में स्थिति क्या रहेगी, इसका इंतजार करना होगा, क्योंकि विभाग ने इस बार सामान्य से कम बारिश होने का अनुमान जारी किया है।

वर्ष 2016 से अप्रैल और मई के दौरान देश के दक्षिणी हिस्से में पानी का भंडार सबसे कम रहा है। इस अवधि में शायद ही इसने कभी 35 प्रतिशत क्षमता को पार किया हो। वर्ष 2017 में तो यह 10 प्रतिशत तक गिर गया था।

Advertisement
First Published - April 30, 2026 | 8:52 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement