प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो
ईरान से तेल लेकर गुजरात के लिए रवाना हुआ एक टैंकर अब चीन की तरफ रुख कर रहा है। समुद्र में जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाली एवं जिंस शोध कंपनी केप्लर के हवाले से यह खबर आई है। यह घटनाक्रम पश्चिम एशिया संकट के बीच भुगतान शर्तों को लेकर व्यापारिक गतिविधियों की बढ़ती संवेदनशीलता को दर्शाता है।
केप्लर के अनुसार टैंकर ‘पिंग शुन’ ने इस सप्ताह की शुरुआत में गुजरात के वडीनार की तरफ बढ़ना शुरू किया था मगर अब अपनी दिशा बदलकर वह चीन के डोंगयिंग की तरफ बढ़ रहा है। केप्लर के रिफाइनिंग और मॉडलिंग विभाग के प्रमुख अनुसंधान विश्लेषक सुमित रितोलिया ने कहा, ‘ईरानी कच्चे तेल का जहाज ‘पिंग शुन’ अब चीन की ओर बढ़ने का संकेत दे रहा है। पहले पिछले तीन दिनों से भारत के वडीनार जा रहा था।’ उन्होंने कहा कि बाजार सूत्रों के अनुसार पिंग शुन के गंतव्य में बदलाव का भुगतान से संबंधित लग रहा है क्योंकि विक्रेता अपनी शर्तों को सख्त कर रहे हैं और पहले 30-60 दिन की ऋण अवधि के बजाय अग्रिम या निकट भविष्य में निपटान की मांग कर रहे हैं।
रितोलिया ने कहा, ‘ईरानी कच्चे तेल के मामले में इस तरह बीच में मार्ग बदलना कोई नई बात नहीं हैं मगर यह वित्तीय शर्तों और जोखिम के प्रति व्यापार की बढ़ती संवेदनशीलता को उजागर करता है। अगर भुगतान संबंधी मुद्दे हल हो जाते हैं तो माल अभी भी किसी भारतीय रिफाइनरी तक पहुंच सकता है। हालांकि, यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि चीन के अलावा अन्य देशों को ईरान के कच्चे तेल का प्रवाह निर्धारित करने में वाणिज्यिक शर्तें लॉजिस्टिक की तरह ही अहम महत्त्वपूर्ण होती जा रही हैं।’