महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मेट्रो लाइन 9 और मेट्रो लाइन 2B का उद्घाटन किया।
मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार करने के लिए मंगलवार को दो नई मेट्रो लाइनों मेट्रो लाइन 9 (दहिसर से मीरा-भायंदर) और मेट्रो लाइन 2बी (अंधेरी से मानखुर्द) का तोहफा दिया। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मेट्रो लाइन 9 और मेट्रो लाइन 2B का उद्घाटन किया। ये दोनों मेट्रो कल यानी बुधवार से यात्रियों के लिए खुल जाएंगी। इसके साथ ही देश की वित्तीय राजधानी में छह मेट्रो लाइन चालू हो जाएंगी।
मेट्रो लाइन 9 दहिसर के उत्तरी उपनगर को ठाणे जिले के पड़ोसी मीरा भायंदर से जोड़ती है। ये लाइन दहिसर पूर्व से काशीगांव तक है। मेट्रो लाइन 9 के पहले चरण में 5.6 किमी लंबा एलिवेटेड खंड है, जिसमें चार स्टेशन हैं – दहिसर पूर्व, पांडुरंगवाड़ी, मीरागांव और काशीगांव। फडणवीस ने कहा कि मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में एक सुगम और सुलभ परिवहन प्रणाली विकसित की जा रही है, जिसमें मेट्रो, ई-बसें और जल परिवहन को एकीकृत किया जा रहा है ताकि यह शहर देश का सबसे सुलभ शहर बन सके। मीरा-भायंदर में साई बाबा नगर और सुभाष चंद्र बोस मैदान के बीच, दूसरे चरण का लगभग 96 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और चार अतिरिक्त स्टेशन वाले 4.3 किलोमीटर लंबे खंड का उद्घाटन इसी वर्ष के अंत में किया जाएगा।
इस मेट्रो लाइन से हम एक ऐसी यात्रा को लगभग 30 मिनट में पूरा कर सकेंगे, जिसमें वर्तमान में एक से दो घंटे लगते हैं। इस परियोजना पर 6,607 करोड़ रुपये की लागत आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेट्रो लाइन 9, मीरा-भायंदर से दक्षिण मुंबई के कोलाबा तक मेट्रो लाइन 7 से जुड़कर निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगी, और भविष्य में लाइन 7ए और 3 से भी जुड़ेगी।
मेट्रो लाइन 9 के शुरू होने के साथ ही, लाइन 2ए और 7 स्वतंत्र कॉरिडोर के रूप में संचालित होंगी। पहले, इन लाइन पर सेवाएं अंधेरी पूर्व से अंधेरी पश्चिम तक दहिसर पूर्व होते हुए एक ही मार्ग पर थीं। लाइन 7 को लाइन 9 से एकीकृत किया जाएगा, जिससे अंधेरी पूर्व से मीरा-भायंदर तक काशीगांव होते हुए सीधी कनेक्टिविटी संभव हो सकेगी। दहिसर स्टेशन पर इंटरचेंज सुविधा से सशुल्क क्षेत्र से बाहर निकले बिना निर्बाध रूप से यात्री सफर कर सकेंगे।
राज्य में मेट्रो नेटवर्क की लंबाई वर्तमान में 101 किलोमीटर तक पहुंच चुकी है और भविष्य में इसे 337 किलोमीटर तक विस्तारित करने का लक्ष्य है। इस नेटवर्क के पूरा होने के बाद मुंबई का मेट्रो नेटवर्क विश्व के अग्रणी नेटवर्कों में से एक होगा। मुंबई अब मेट्रो नेटवर्क के मामले में दिल्ली के बाद देश में दूसरे स्थान पर है। अधिकांश परियोजनाएं अगले दो वर्षों में पूरी हो जाएंगी।
मुंबई में अब चालू हालत में छह मेट्रो कॉरिडोर हैं, जिनमें मेट्रो लाइन 1 (घाटकोपर-अंधेरी-वर्सोवा), लाइन 2ए (अंधेरी पश्चिम-दहिसर पूर्व), लाइन 7 (दहिसर पूर्व और अंधेरी पूर्व) और लाइन 3 (जिसे एक्वा लाइन के नाम से जाना जाता है) (कोलाबा-बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स-एसईईपीजेड) शामिल हैं।
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नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड’ (एनसीएमसी) सफल रहा है, क्योंकि 80 प्रतिशत यात्रियों ने कैशलेस टिकट बुकिंग का विकल्प चुना है। वर्षा जल संचयन, एलईडी लाइटिंग, रिजेनरेटिव ब्रेकिंग और सोलर पैनल जैसी सुविधाओं के कारण यह मेट्रो लाइन पर्यावरण के अनुकूल है। मेट्रो परियोजना से सड़क यातायात में 20 से 30 प्रतिशत की कमी आएगी, ईंधन की बचत होगी, प्रदूषण कम होगा और नागरिकों का समय बचेगा।
मेट्रो 2बी के 5.6 किलोमीटर लंबे और पांच स्टेशनों वाले पहले चरण का काम आज से शुरू हो रहा है और शेष दो चरणों के पूरा होने के बाद मुंबई में बड़े पैमाने पर सुगम और तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। पहला चरण, मानखुर्द में सेंट्रल रेलवे की हार्बर लाइन को जोड़ेगा। मंडले डिपो भारत का सबसे बड़ा एलिवेटेड मेट्रो डिपो होगा, जहां 72 मेट्रो ट्रेनों के रखरखाव की व्यवस्था होगी। यह परियोजना मुंबई के पूर्व-पश्चिम और उत्तर-दक्षिण क्षेत्रों को प्रभावी ढंग से जोड़ेगी और भविष्य में बीकेसी , अंधेरी, बांद्रा और चेंबूर तक निर्बाध यात्रा संभव हो सकेगी। गौरतलब है कि हार्बर लाइन से जुड़ने वाली यह पहली मेट्रो है, जिससे परिवहन व्यवस्था में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य मुंबई और मुंबई महानगर क्षेत्र में कुल 337 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क बनाना है। इसके पूरा होने के बाद लगभग 70 लाख यात्री प्रतिदिन मेट्रो से यात्रा कर सकेंगे। इससे उपनगरीय रेलवे पर वर्तमान में मौजूद 90 लाख यात्रियों पर दबाव काफी कम हो जाएगा।