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बायोमेट्रिक और चेहरे की पहचान से मतदान पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र व चुनाव आयोग को भेजा नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने मतदान से पहले मतदाताओं की बायोमेट्रिक और चेहरे से पहचान करने वाली याचिका पर केंद्र और निर्वाचन आयोग से जवाब तलब किया है

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भाविनी मिश्रा   
Last Updated- April 13, 2026 | 10:26 PM IST

उच्चतम न्यायालय ने मतदान से पहले मतदाताओं की पहचान के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और फेशियल रिकग्निशन यानी चेहरे की पहचान प्रणाली के उपयोग की मांग वाली याचिका पर सोमवार को केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और न्यायमूर्ति जयमाल्य बागची की अगुआई वाले पीठ ने कहा कि ऐसी प्रणाली को लागू करने के लिए मौजूदा नियमों में संशोधन और काफी सार्वजनिक व्यय की आवश्यकता होगी। 

यह याचिका भाजपा नेता अश्विनी कुमार उपाध्याय ने दायर की थी, जिस पर उन्होंने स्वयं बहस की। उन्होंने तर्क दिया कि ऐसी किसी भी व्यवस्था को केवल राज्य सरकारों के समर्थन से ही लागू किया जा सकता है।

पीठ ने शुरुआत में इस मामले में सुनवाई के प्रति अनिच्छा जाहिर करते हुए सुझाव दिया था कि याची पहले निर्वाचन आयोग से संपर्क करें। पीठ ने कहा कि आयोग का रुख महत्त्वपूर्ण होगा। 

First Published : April 13, 2026 | 10:12 PM IST