उत्तर प्रदेश

जेवर एयरपोर्ट तक पहुंच आसान, योगी सरकार ने शुरू की इलेक्ट्रिक और हाइड्रोजन बस सेवा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 15 जून से भारत के सबसे बड़े हवाई अड्डे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने जा रहा है

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बीएस संवाददाता   
Last Updated- June 12, 2026 | 8:08 PM IST

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के जेवर में बने अंतरर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट तक कनेक्टिविटी की दिक्कत को दूर करते हुए योगी सरकार ने वहां तक से प्रमुख स्थानों के लिए सार्वजनिक परिवहन की सुविधाएं शुरू की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में जेवर एयरपोर्ट तक संचालित होने वाली उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की 45 इलेक्ट्रिक बसों व 3 हाइड्रोजन बसों को लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये फ्लैग ऑफ किया। उन्होंने इस अवसर पर नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो का भी शुभारंभ किया।

नोएडा एयरपोर्ट को मिली इलेक्ट्रिक बसें

इस मौके पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन के साथ-साथ पश्चिम एशिया में चल रहे गतिरोध बड़ी चुनौतियां हैं। इनके कारण दुनिया वायु प्रदूषण, अतिवृष्टि, अनावृष्टि, ओलावृष्टि का सामना कर रही है। उन्होंने कहा कि 15 जून से भारत के सबसे बड़े हवाई अड्डे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का संचालन शुरू होने जा रहा है। देश के सबसे बड़े आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक हब तथा सुचारु वायुसेवा की दृष्टि से यात्रियों, नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तीनों नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यीडा प्राधिकरणों ने परिवहन निगम के माध्यम से यह सेवा प्रारंभ की है। यह नेट जीरो लक्ष्य प्राप्त करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

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लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मिलेगा बल

मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा व यमुना अथॉरिटी आईटी-इलेक्ट्रॉनिक्स, डेटा सेंटर, स्टार्टअप्स, सेमीकंडक्टर समेत अन्य औद्योगिक गतिविधियों के बड़े केंद्र के रूप में उभरी हैं। दुनिया की बड़ी-बड़ी कंपनियों को वहां लाने के साथ ही पर्यावरण अनुकूल परिवहन समय की मांग है। वहां कुछ क्षेत्रों में मेट्रो का संचालन भी हो रहा है, लेकिन लास्ट माइल कनेक्टिविटी की दृष्टि से इलेक्ट्रिक बस का संचालन मील का पत्थऱ साबित होने जा रहा है। 15 जून तक तीनों अथॉरिटी द्वारा 110 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन प्रारंभ होगा। मांग के अनुरूप इसमें क्रमिक बढ़ोतरी कर 500 बसों का संचालन भी तीनों अथॉरिटी के माध्यम से किया जाएगा।

एयरपोर्ट-एक्सप्रेसवे से बदली यूपी की तस्वीर

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2019 में प्रयागराज कुंभ के दौरान सरकार ने कैबिनेट में गंगा एक्सप्रेसवे की घोषणा की थी। वर्तमान में पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक, दिल्ली-मेरठ 12 लेन एक्सप्रेसवे और शीघ्र ही लोकार्पित होने वाला लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे नए यूपी की नई पहचान बने हैं।

उत्तर प्रदेश की बेहतर एयर कनेक्विटी का जिक्र करते हुए कहा कि प्रयागराज में 11 महीने में एयरपोर्ट बनकर तैयार हुआ। जेवर में देश का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बन गया है। प्रदेश में लखनऊ, अयोध्या, काशी, कुशीनगर व नोएडा समेत 5 इंटरनेशनल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट हैं। नोएडा एयरपोर्ट यात्रियों के साथ ही कार्गो-एमआरओ हब के रूप में खुद को स्थापित करने जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के 17 नगर निगमों में 700 से अधिक इलेक्ट्रिक बसें संचालित कर रहे हैं। पहले इलेक्ट्रिक बसें बाहर से मंगानी पड़ती थीं, लेकिन अब टाटा मोटर्स और अशोक लीलैंड हिंदुजा ग्रुप ने लखनऊ में इलेक्ट्रिक बस के दो-दो मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित कर यह सुविधा देनी प्रारंभ की है।

First Published : June 12, 2026 | 8:08 PM IST