उत्तर प्रदेश

पीएम मोदी 28 मार्च को करेंगे जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन; यूपी में पर्यटन, उद्योग और लॉजिस्टिक्स को नई उड़ान

जेवर अंतरर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से हर साल सात करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे जबकि इस क्षमता 10 लाख टन कार्गो हैंडलिंग की होगी

Published by
बीएस संवाददाता   
Last Updated- March 26, 2026 | 7:53 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जेवर अंतरर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे। जेवर अंतरर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट से हर साल सात करोड़ यात्री सफर कर सकेंगे जबकि इस क्षमता 10 लाख टन कार्गो हैंडलिंग की होगी। इस एयरपोर्ट के संचालन से दिल्ली का दबाव कम होगा और उत्तर प्रदेश के उद्यमियों के लिए विदेशों में माल भेजना आसान हो जाएगा।

पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

औद्योगिक विकास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि बड़ी कार्गो हैंडलिंग क्षमता के साथ यह एयरपोर्ट प्रदेश के कृषि, एमएसएमई और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति देगा। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर, आगरा, मथुरा, वृंदावन और वाराणसी जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों को एक वैश्विक पर्यटन सर्किट से जोड़ेगा, जिससे अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की आवाजाही में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। बेहतर कनेक्टिविटी के चलते धार्मिक पर्यटन, मेडिकल टूरिज्म और बिजनेस ट्रैवल को भी नई गति मिलेगी।

Also Read: रनवे से रियल्टी तक: जेवर एयरपोर्ट ने बदली नोएडा की प्रोपर्टी की कहानी, 2027 तक आ सकती है 28% और तेजी

रियल एस्टेट को मिलेगा बड़ा बूस्ट

अधिकारियों के मुताबिक जेवर एयरपोर्ट के विकास के साथ उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट और औद्योगिक परिदृश्य में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यीडा) तेजी से एक प्रीमियम निवेश और औद्योगिक केंद्र के रूप में उभरेंगे, वहीं बुलंदशहर, अलीगढ़ और मथुरा-वृंदावन तक अर्बन एक्सपेंशन कॉरिडोर विकसित होकर नए शहरों और टाउनशिप को जन्म देगा।

जेवर एयरपोर्ट से यूपी में औद्योगिक बदलाव

एयरपोर्ट के आसपास होटल, वेयरहाउस, ऑफिस स्पेस, लॉजिस्टिक्स पार्क और डेटा सेंटर में बड़े निवेश आकर्षित होंगे, जिससे रोजगार और व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग और टेक्सटाइल जैसे निर्यात-उन्मुख उद्योगों को नई गति मिलेगी, जो इस क्षेत्र को एक मजबूत इंडस्ट्रियल और एक्सपोर्ट हब के रूप में स्थापित करेगा।

जेवर एयरपोर्ट बनेगा बड़ा एविएशन हब

उनका कहना है कि जेवर एयरपोर्ट को केवल दिल्ली-एनसीआर के सहायक एयरपोर्ट के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य के एक बड़े मल्टी-मोडल इंटरनेशनल एविएशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। यह दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करते हुए एयर ट्रैफिक को संतुलित करेगा। 5 रनवे की प्रस्तावित क्षमता के साथ यह देश का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की दिशा में अग्रसर है।

Also Read: लाइन लगाने की जरूरत नहीं, घर पहुंचेगा गैस सिलेंडर: सीएम योगी आदित्यनाथ

लॉजिस्टिक हब और निर्यात को बढ़ावा

ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के करीब होने के साथ-साथ यमुना एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और अन्य प्रमुख हाईवे से इसकी मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी इस क्षेत्र को देश का सबसे बड़ा लॉजिस्टिक हब बना सकती है। इसके परिणामस्वरूप वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज और ई-कॉमर्स फुलफिलमेंट सेंटर में तेजी से विस्तार होगा, जिससे सप्लाई चेन अधिक कुशल बनेगी। साथ ही, भारत में 13–14% तक रहने वाली लॉजिस्टिक लागत में कमी आने से एमएसएमई सेक्टर की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और निर्यात को नई गति मिलेगी।

First Published : March 26, 2026 | 7:53 PM IST