उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ | फाइल फोटो
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और ताजनगरी आगरा में मेट्रो सेवाओं का विस्तार किया जाएगा। वहीं, लखनऊ में 855 करोड़ रुपये की लागत से 1010 बेड का मल्टी स्पेशियलिटी इमरजेंसी अस्पताल बनाया जाएगा। प्रदेश में पंचायत चुनावों में आरक्षण तय करने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन भी किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राजधानी लखनऊ में मेट्रो सेवाओं को चारबाग से बसंत कुंज तक विस्तार देने की परियोजना को मंजूरी दे दी गई। 5801 करोड़ रुपये की इस परियोजना पर काम के लिए राज्य सरकार, यूपी मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPMRCL) और केंद्र सरकार के बीच त्रिपक्षीय करार पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। फिलहाल राजधानी में मेट्रो का संचालन केवल अमौसी एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया के बीच एक रूट पर हो रहा है। मंत्रिपरिषद ने आगरा मेट्रो परियोजना के दूसरे कॉरिडोर, आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक, के लिए 550 वर्गमीटर जमीन हस्तांतरण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
Also Read: विदेश घूमना छोड़िए, अब UP बुला रही योगी सरकार! फ्री म्यूजियम एंट्री से लेकर 25% छूट तक बड़ा ऐलान
मंत्रिपरिषद ने प्रदेश में प्रस्तावित पंचायत चुनावों को लेकर अहम फैसला लेते हुए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी। यह आयोग पंचायत चुनावों में पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण तय करेगा। पांच सदस्यीय इस आयोग की अध्यक्षता इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। आयोग के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों का कार्यकाल नियुक्ति की तारीख से छह माह तक प्रभावी रहेगा। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों का कार्यकाल इसी महीने समाप्त हो रहा है। पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन के बाद यह माना जा रहा है कि प्रदेश सरकार पंचायतों का कार्यकाल बढ़ा सकती है।
मंत्रिपरिषद ने बढ़ती बिजली मांग और तापीय व पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं से उत्पन्न ऊर्जा के सुचारु निकास के लिए 765/400 केवी मिर्जापुर पूलिंग उपकेंद्र और संबंधित पारेषण लाइनों के निर्माण को भी मंजूरी दी है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma ने बताया कि परियोजना की कुल अनुमानित लागत 2799.47 करोड़ रुपये है। इसमें उपकेंद्र और ‘वे’ निर्माण के लिए 1315.91 करोड़ रुपये तथा पारेषण लाइनों के लिए 1483.56 करोड़ रुपये शामिल हैं।
पशु चिकित्सा के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए मंत्रिपरिषद ने उनका इंटर्नशिप भत्ता 4000 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 12000 रुपये प्रतिमाह करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। पशुधन विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि राज्य में संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय एवं गो अनुसंधान संस्थान, मथुरा, आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, कुमारगंज (अयोध्या) और सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय, मेरठ में अध्ययनरत पशु चिकित्सा छात्रों को इसका लाभ मिलेगा।
मंत्रिपरिषद के एक अन्य फैसले के तहत डॉ राम मनोहर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल शाइंसेज के नए परिसर में 1010 बेड के स्पेशियलिटी इमरजेंसी सेंटर, टीचिंग ब्लॉक और नई ओपीडी के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर 855.04 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके अलावा, मिर्जापुर जिले में निजी क्षेत्र की सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी खोले जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी गई है।