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UP: मंडी परिषद ने FY23 में कमाया बंपर मुनाफा

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वित्तीय वर्ष 2022-23 में मंडी परिषद को 1520.95 करोड़ रुपये का आय हुयी जबकि बीते साल यह 614 करोड़ रुपये रही थी।

Last Updated- June 20, 2023 | 3:17 PM IST
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उत्तर प्रदेश में शुल्क में कमी के बाद भी राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने बंपर मुनाफा कमाया है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में मंडी परिषद को 1520.95 करोड़ रुपये का आय हुई जबकि बीते साल यह 614 करोड़ रुपये रही थी। योगी सरकार अब मंडी परिषद की विभिन्न जिलों में बिना उपयोग के पड़ी जमीनों का इस्तेमाल कर इसकी आय बढ़ाने की योजना तैयार करेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंडी परिषद के संचालक मंडल की बैठक में कहा कि निष्प्रयोज्य जमीन के व्यवस्थित इस्तेमाल से परिषद अपनी आय का एक नया विकल्प पैदा कर सकती है। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने, उत्पाद की ब्रांडिंग कर सही बाजार दिलाने के लिए राजधानी लखनऊ में एग्री माल खोला जा रहा है। एग्री माल में किसान सीधे अपने फल व सब्जियों की बिक्री कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी प्रदेश में मंडल स्तर पर मुख्यालयों में जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों के आउटलेट खोले गए हैं। अब इन्हें जिला मुख्यालय तक विस्तार देने की आवश्यकता है। सभी जगहों पर मंडी समितियों के भवनों में भी आउटलेट खोले जाएं। उन्होंने मंडी परिषद के अधिकारियों से कहा प्रदेश के विभिन्न शहरों में जैविक व प्राकृतिक कृषि उत्पादों के बाजार लगवाए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के जैविक व प्राकृतिक उत्पादों के सत्यापन, ब्रांडिंग के लिए लैब टेस्टिंग आवश्यक है। हालांकि खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, द्वारा लखनऊ, मेरठ, बनारस एवं झांसी में प्रयोगशालाएं संचालित हैं, लेकिन प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों में कोई लैब संचालित नहीं है। ऐसे में मंडी परिषद द्वारा प्रदेश के सभी 4 कृषि विश्वविद्यालयों में टेस्टिंग लैब स्थापित किया जाए।

उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा को ध्यान में खते हुए राज्य सरकार ने बड़ी संख्या में ग्रामीण हाट पैठ और आधुनिक किसान मंडियों का निर्माण कराया है। क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार नए हाट पैठ और किसान मंडियों का निर्माण कराया जाना चाहिए। इनका अच्छा रख-रखाव हो और पटरी व्यवसायियों को यहां समायोजित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मंडी परिषद द्वारा नवी मुंबई में निर्यात प्रोत्साहन हेतु वर्ष 2006 में स्थापित किये गये ऑफिस ब्लॉक को और उपयोगी बनाने के लिए इसे एमएसएमई विभाग से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फसलों को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए गुणवत्ता पूर्ण रोपण सामग्री, बागवानी फसलों के गुणवत्ता पूर्ण रोपण एवं रोग मुक्त बनाने के लिए आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या में टिशू कल्चर प्रयोगशाला की स्थापना की जाए। यह प्रयोगशाला कम से कम 3 हेक्टेयर के विशाल परिसर में स्थापित होगी और इसके लिए धनराशि की व्यवस्था मंडी परिषद करेगी।

परिषद अधिकारियों ने बतायी कि चालू वित्तीय वर्ष के पहले दो माह ने अब तक 251.61 करोड़ रुपये का राजस्व आ चुका है।

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First Published - June 20, 2023 | 3:17 PM IST

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