US Vice President JD Vance (File Photo)
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) के मंगलवार को इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जहां वे ईरान के साथ जारी सात हफ्तों के संघर्ष को खत्म करने के लिए शांति वार्ता में हिस्सा ले सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि वेंस के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद के लिए रवाना हो चुका है। हालांकि, कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि वेंस अभी वॉशिंगटन में ही मौजूद हैं। इससे उनके दौरे को लेकर स्थिति कुछ अस्पष्ट बनी हुई है।
गौरतलब है कि 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर हुआ था, जिसकी अवधि अब खत्म होने वाली है। इसी बीच ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं होता है तो ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जा सकता है।
बताया जा रहा है कि वेंस के मंगलवार देर रात इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में ट्रंप ने सीजफायर की समयसीमा को एक दिन बढ़ाकर बुधवार तक कर दिया है, ताकि बातचीत के लिए थोड़ा और समय मिल सके।
अमेरिकी मीडिया आउटलेट Axios ने तीन अमेरिकी सूत्रों के हवाले से बताया है कि वेंस मंगलवार सुबह इस्लामाबाद के लिए रवाना हो सकते हैं और उनका उद्देश्य ईरान के साथ संभावित शांति समझौते पर बातचीत करना है।
अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण हालात के बीच बना हुआ अस्थायी संघर्षविराम एक बार फिर रविवार को चुनौती में आ गया। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के एक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने गल्फ ऑफ ओमान में एक ईरानी कार्गो जहाज को रोकते हुए उसे जब्त कर लिया। आरोप है कि यह जहाज अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
इस बीच, कूटनीतिक प्रयासों के तहत पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये के मध्यस्थों ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में शामिल होने की अपील की। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, ईरानी टीम ने तब तक आगे बढ़ने से इनकार किया जब तक उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता की मंजूरी नहीं मिल गई।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद जाने की तैयारी पहले ही हो चुकी थी और इसका नेतृत्व ईरान की संसद के स्पीकर Mohammed-Bagher Ghalibaf कर सकते हैं।
अमेरिका की ओर से होने वाली बातचीत में विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner के शामिल होने की संभावना जताई गई है। उनके साथ अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance भी बैठक में मौजूद रह सकते हैं।
Axios की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी पक्ष बातचीत को लेकर फिलहाल टालमटोल की स्थिति में है। कहा जा रहा है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के भीतर इस बात को लेकर दबाव है कि जब तक अमेरिका की ओर से नाकेबंदी खत्म नहीं होती, तब तक किसी तरह की बातचीत आगे नहीं बढ़नी चाहिए।