facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

US-Iran Talks: इस्लामाबाद में हाई वोल्टेज मीटिंग! J D Vance आज करेंगे ईरान से अहम बातचीत

Advertisement

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच शांति वार्ता तेज, JD Vance के संभावित दौरे और सीजफायर विस्तार पर निगाहें।

Last Updated- April 21, 2026 | 12:09 PM IST
JD Vance
US Vice President JD Vance (File Photo)

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) के मंगलवार को इस्लामाबाद पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जहां वे ईरान के साथ जारी सात हफ्तों के संघर्ष को खत्म करने के लिए शांति वार्ता में हिस्सा ले सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

सोमवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि वेंस के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद के लिए रवाना हो चुका है। हालांकि, कुछ अन्य मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि वेंस अभी वॉशिंगटन में ही मौजूद हैं। इससे उनके दौरे को लेकर स्थिति कुछ अस्पष्ट बनी हुई है।

गौरतलब है कि 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर हुआ था, जिसकी अवधि अब खत्म होने वाली है। इसी बीच ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर कोई समझौता नहीं होता है तो ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों को निशाना बनाया जा सकता है।

बताया जा रहा है कि वेंस के मंगलवार देर रात इस्लामाबाद पहुंचने की उम्मीद है। ऐसे में ट्रंप ने सीजफायर की समयसीमा को एक दिन बढ़ाकर बुधवार तक कर दिया है, ताकि बातचीत के लिए थोड़ा और समय मिल सके।

अमेरिकी मीडिया आउटलेट Axios ने तीन अमेरिकी सूत्रों के हवाले से बताया है कि वेंस मंगलवार सुबह इस्लामाबाद के लिए रवाना हो सकते हैं और उनका उद्देश्य ईरान के साथ संभावित शांति समझौते पर बातचीत करना है।

अमेरिका और ईरान के बीच तनावपूर्ण हालात के बीच बना हुआ अस्थायी संघर्षविराम एक बार फिर रविवार को चुनौती में आ गया। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका के एक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने गल्फ ऑफ ओमान में एक ईरानी कार्गो जहाज को रोकते हुए उसे जब्त कर लिया। आरोप है कि यह जहाज अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को पार करने की कोशिश कर रहा था। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।

इस बीच, कूटनीतिक प्रयासों के तहत पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये के मध्यस्थों ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में शामिल होने की अपील की। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, ईरानी टीम ने तब तक आगे बढ़ने से इनकार किया जब तक उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता की मंजूरी नहीं मिल गई।

रिपोर्ट यह भी बताती है कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद जाने की तैयारी पहले ही हो चुकी थी और इसका नेतृत्व ईरान की संसद के स्पीकर Mohammed-Bagher Ghalibaf कर सकते हैं।

अमेरिका की ओर से होने वाली बातचीत में विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner के शामिल होने की संभावना जताई गई है। उनके साथ अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance भी बैठक में मौजूद रह सकते हैं।

Axios की रिपोर्ट के अनुसार, ईरानी पक्ष बातचीत को लेकर फिलहाल टालमटोल की स्थिति में है। कहा जा रहा है कि रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के भीतर इस बात को लेकर दबाव है कि जब तक अमेरिका की ओर से नाकेबंदी खत्म नहीं होती, तब तक किसी तरह की बातचीत आगे नहीं बढ़नी चाहिए।

अमेरिका और ईरान के बीच जारी परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत फिर सुर्खियों में है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा है कि मौजूदा हालात में दोनों देशों के बीच किसी “अच्छे समझौते” की संभावना पहले से ज्यादा मजबूत दिख रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के दौर के समझौते की तुलना में यह बातचीत ज्यादा प्रभावी हो सकती है, खासकर राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की रणनीतिक बातचीत के चलते।

लेविट ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि जो लोग ट्रंप की बातचीत की शैली और उनके लंबे समय के नजरिए को नहीं समझते, वे या तो स्थिति को सही से नहीं देख पा रहे हैं या जानबूझकर अनदेखी कर रहे हैं।

इस बीच रिपोर्ट्स के मुताबिक 11 अप्रैल को हुई शुरुआती बातचीत में अमेरिकी पक्ष ने ईरान के यूरेनियम संवर्धन पर 20 साल की रोक का प्रस्ताव रखा था। सीएनएन के अनुसार, एक सूत्र ने यह जानकारी दी। जवाब में ईरान ने 5 साल के लिए रोक का प्रस्ताव दिया, जिसे अमेरिका ने स्वीकार नहीं किया है।

वहीं राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि उन पर किसी तरह का दबाव नहीं है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि उन्हें कोई जल्दबाजी नहीं है, हालांकि यह प्रक्रिया अपेक्षाकृत जल्दी आगे बढ़ सकती है।

इन बातचीतों के बीच वैश्विक बाजार, खासकर तेल की कीमतों और मध्य पूर्व की स्थिरता को लेकर भी नजरें बनी हुई हैं।

Advertisement
First Published - April 21, 2026 | 12:09 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement