भारत ने ओजोन क्षयकारी पदार्थ और जलवायु को गर्म करने वाले रसायन एचसीएफसी 141बी को चरणबद्ध तरीके से सफलतापूर्वक समाप्त कर दिया है और ऐसी अन्य गैस, एचसीएफसी को समाप्त करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वैश्विक जलवायु वार्ता के दौरान रविवार को यहां जारी एक सरकारी रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
वार्षिक जलवायु वार्ता कॉप 28 के इतर एक कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण मंत्रालय और यूएनडीपी द्वारा संयुक्त रूप से पेश की गई रिपोर्ट में कहा गया है कि एचसीएफसी के लिए 35 प्रतिशत चरणबद्ध लक्ष्य को पार करते हुए भारत ने जलवायु लक्ष्यों को पूरा करने के लिए सहयोग और नवाचार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करते हुए 44 प्रतिशत की प्रभावशाली कटौती की है। एचसीएफसी प्रबंधन योजना (एचपीएमपी) चरण- दो में उल्लिखित भारत के सक्रिय उपायों ने वैश्विक जलवायु कार्रवाई के लिए उल्लेखनीय उदाहरण स्थापित किया है।
इसमें कहा गया है कि भारत ने ओजोन क्षयकारी पदार्थ और जलवायु को गर्म करने वाले रसायन 1,1-डाइक्लोरो-1-फ्लोरोइथेन (एचसीएफसी-141बी) को सफलतापूर्वक चरणबद्ध तरीके से खत्म कर दिया है। नए उपकरण निर्माण में ऐसी ही अन्य गैस हाइड्रोक्लोरोफ्लोरोकार्बन को खत्म करने में समय से आगे है।
संयुक्त राष्ट्र के कॉप28 जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में भाग लेने वाले सदस्य देशों को रविवार को संयुक्त अरब अमीरात में जन विरोध देखने को मिला। इजराइल-हमास के बीच युद्ध की शुरुआत से लेकर पर्यावरण के मुद्दों तक यूएई में अब तक का सबसे बड़ा विरोध प्रदर्शन देखा गया।
भारत ने 2030 तक वैश्विक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता को तीन गुना करने के संकल्प पर हस्ताक्षर करने से परहेज किया। इसका कारण यह था कि मसौदा पत्र में कोयले के इस्तेमाल को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का उल्लेख था और इसका भारत समर्थन नहीं करता है। सम्मेलन में शामिल होने आए भारतीय प्रतिनिधिमंडल के सूत्रों ने यह जानकारी दी।