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ईरान की संसद की सुरक्षा समिति ने सोमवार को “स्ट्रेट ऑफ होर्मुज मैनेजमेंट प्लान” को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क (टोल) लगाने का प्रस्ताव शामिल है। यह जानकारी ईरान की सरकारी मीडिया इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग (IRIB) ने दी।
रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के एक सदस्य ने बताया कि इस योजना में होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा, जहाजों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण और वित्तीय व्यवस्था जैसे कई अहम बिंदु शामिल हैं। साथ ही, इसमें ईरानी मुद्रा रियाल के आधार पर टोल वसूली की व्यवस्था भी की गई है।
योजना में अमेरिकी और इजराइली जहाजों के गुजरने पर साफ तौर पर रोक लगाने की बात कही गई है। इसके अलावा, उन देशों के जहाजों को भी अनुमति नहीं दी जाएगी जो ईरान पर एकतरफा प्रतिबंध लगाने में शामिल हैं। इस योजना में ओमान के साथ मिलकर इस जलमार्ग के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने की बात भी कही गई है।
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव जारी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है।
इस बीच, अमेरिका के वित्त मंत्री Scott Bessent ने एक इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका भविष्य में इस जलमार्ग पर फिर से नियंत्रण हासिल करेगा और यहां सभी देशों के लिए स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित की जाएगी।
Bessent ने कहा है कि फिलहाल कई देश ईरान के साथ अलग-अलग समझौते कर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से अपने जहाजों को निकाल रहे हैं। लेकिन आने वाले समय में अमेरिका इस समुद्री मार्ग पर फिर से नियंत्रण हासिल करेगा।
उन्होंने कहा कि अभी बाजार में आपूर्ति सामान्य है और हर दिन ज्यादा जहाज इस रास्ते से गुजर रहे हैं। आगे चलकर अमेरिका यहां स्वतंत्र आवाजाही सुनिश्चित करेगा। इसके लिए अमेरिकी सुरक्षा या फिर बहुराष्ट्रीय एस्कॉर्ट की मदद ली जा सकती है।
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को जल्द नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के नागरिक ऊर्जा ढांचे को निशाना बना सकता है।
उन्होंने कहा कि इसमें बिजली संयंत्र, तेल के कुएं और खार्ग द्वीप जैसे महत्वपूर्ण ठिकाने शामिल हो सकते हैं।