facebookmetapixel
Advertisement
राज्य की प्रतिक्रिया और अभिव्यक्ति की सीमाएं testtestभारत का डिफेंस प्रोडक्शन ऑल-टाइम हाई पर, FY26 में15.6% बढ़कर ₹1.78 लाख करोड़ पर पहुंचाHCL Tech के नतीजों की तारीख तय, 13 जुलाई को आएगा रिपोर्ट कार्ड; डिविडेंड पर भी होगा फैसलारिटर्न कहीं और, निवेश कहीं और! क्या सही फंड चुन रहे हैं निवेशक? एक्सपर्ट से समझेंAI के दम पर नई छलांग की तैयारी में Coforge? शेयर में 50% तक तेजी की उम्मीद, एक्सपर्ट्स बुलिशकच्चा तेल सस्ता हो रहा है, फिर पेट्रोल-डीजल क्यों नहीं?20 लाख रुपये से ज्यादा पैकेज वाली नौकरियों में उछाल, ब्रोकरेज ने बताए 4 पसंदीदा IT स्टॉक्सJio IPO का इंतजार खत्म! ₹4 अरब के मेगा IPO की तैयारी तेज, जल्द दाखिल होंगे ड्राफ्ट पेपरसरकार के आदेश के खिलाफ Telegram का पलटवार, Delhi HC पहुंची याचिकाब्राजील में पेट्रोल से 70% सस्ता, भारत में सिर्फ 20%: क्या फ्लेक्स-फ्यूल बनेगा हिट? बता रहे एक्सपर्ट

मलेशिया की शीर्ष अदालत ने शरिया आधारित राज्य कानूनों को रद्द किया, मुस्लिम कट्टरपंथी खफा

Advertisement

अदालत ने कहा कि राज्य इन विषयों पर इस्लामी कानून नहीं बना सकते, क्योंकि वे मलेशियाई संघीय कानून के अंतर्गत आते हैं।

Last Updated- February 09, 2024 | 7:56 PM IST
Malaysia- मलेशिया

मलेशिया की शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को केलंतन राज्य द्वारा बनाए गए शरिया आधारित करीब एक दर्जन कानूनों को रद्द करते हुए कहा कि ये संघीय प्राधिकार में अतिक्रमण करते हैं। इस फैसले की इस्लामिक कट्टरपंथियों ने निंदा की है, क्योंकि उन्हें डर है कि इससे देश भर में धार्मिक अदालतें कमजोर हो सकती हैं।

नौ सदस्यीय संघीय न्यायालय ने 8-1 के बहुमत से विपक्ष द्वारा संचालित केलंतन राज्य सरकार द्वारा बनाए गए 16 कानूनों को अमान्य करार दिया, जिसमें कुकर्म, यौन उत्पीड़न, अनाचार और ‘क्रॉस ड्रेसिंग’ (विपरीत लिंग से संबंधित कपड़े पहनना) से लेकर झूठे सबूत देने तक के अपराधों के लिए दंड का प्रावधान किया गया था।

अदालत ने कहा कि राज्य इन विषयों पर इस्लामी कानून नहीं बना सकते, क्योंकि वे मलेशियाई संघीय कानून के अंतर्गत आते हैं। मलेशिया में दो स्तरीय कानून प्रणाली है, जिसमें शरिया के तहत मुस्लिमों के व्यक्तिगत और पारिवारिक मामले आते हैं और सिविल कानून भी हैं। मलय जातीय समूह की परिभाषा के तहत सभी लोगों को मलेशियाई कानून के तहत मुस्लिम माना जाता है।

देश की 3.3 करोड़ आबादी में से दो तिहाई आबादी मलय जातीय समूह की है, जबकि बड़ी संख्या में चीनी और भारतीय अल्पसंख्यक भी देश में रहते हैं। शरिया इस्लामी कानून है, जो कुरान और हदीस पर आधारित हैं। अदालत में कानूनों को चुनौती 2020 में ग्रामीण पूर्वोत्तर राज्य केलंतन की दो मुस्लिम महिलाओं ने दी थी।

राज्य की कुल आबादी में 97 प्रतिशत मुस्लिम हैं। केलंतन पर 1990 से रूढ़िवादी पैन-मलेशियाई इस्लामिक पार्टी या पीएएस का शासन रहा है। पीएएस के सैकड़ों समर्थक शुक्रवार को अदालत के बाहर जमा हो गए और शरिया कानूनों की रक्षा करने की मांग की।

पीएएस के महासचिव तकियुद्दीन हसन ने फैसले के बाद अदालत की इमारत के बाहर संवाददाताओं से कहा, ‘‘आज हम बहुत दुखी हैं। यह इस्लामिक शरिया कानून के लिए काला शुक्रवार है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ जब एक इलाके के लिए शरिया कानून अवैध हो गया, तो इसका अभिप्राय है कि अन्य राज्यों के शरिया कानूनों को भी यही खतरा हो सकता है।’’

पीएएस मलेशियाई संसद में विपक्ष में है और यह सबसे बड़ी पार्टी है। पार्टी का मलेशिया के 13 में से चार राज्यों पर शासन है। पीएएस सख्त इस्लामी कानूनों का समर्थन करती है। वह हुदूद नामक आपराध संहिता लागू करने की मांग कर रही थी, जिसमें चोरी के लिए अंग-भंग और व्यभिचार के लिए पत्थर मारकर हत्या जैसे दंड शामिल थे। इसे संघीय सरकार ने अवरुद्ध कर दिया था।

Advertisement
First Published - February 9, 2024 | 7:56 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement