हाल के दिनों में मीना अल-अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरियों पर कई हवाई हमलों के बाद यह हमला हुआ। (फोटो: रॉयटर्स)
Middle East Crisis: कुवैत में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन के मुख्यालय पर ड्रोन हमले के बाद इमारत में आग लग गई। इस इमारत में देश का तेल मंत्रालय भी स्थित है। घटना के तुरंत बाद पूरे परिसर को खाली करा लिया गया और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुट गईं।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि हमले से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। साथ ही संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर कर्मचारियों की सुरक्षा और इलाके की निगरानी पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
इस हमले से पहले भी कुवैत के तेल ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है। मीना अल-अहमदी और मीना अब्दुल्ला रिफाइनरी पर हाल के दिनों में कई हवाई हमले हुए हैं। इसके अलावा कुवैत के एयरपोर्ट को भी बार-बार निशाना बनाया गया है।
हमले से कुछ घंटे पहले ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने संभावित लक्ष्यों की एक नई सूची जारी की थी। इसमें बिजली, पानी और भाप से जुड़े ढांचे के साथ-साथ तेल, गैस और केमिकल सेक्टर की इकाइयों को भी शामिल किया गया था। इस सूची में कुवैत की पीआईसी कंपनी का नाम भी था, जो खाद और पॉलिमर का उत्पादन करती है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब दिन में ही ईरान के माहशहर पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर इजरायली वायुसेना ने हमला किया था। इसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर हवाई सेवाओं पर दिखने लगा है। अकासा एयर ने घोषणा की है कि दोहा, रियाद और कुवैत के लिए अपनी सभी उड़ानें 12 अप्रैल तक अस्थायी रूप से रोक दी गई हैं। एयरलाइन ने यह जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दी। हालांकि जेद्दा के लिए उड़ानें जारी हैं। इसके अलावा अहमदाबाद, बेंगलुरु, मुंबई, कोच्चि और कोझिकोड के लिए भी सेवाएं सामान्य रूप से चल रही हैं।
इस बीच दुबई से एक छोटी घटना की खबर सामने आई है। शनिवार को दुबई प्रशासन ने बताया कि इंटरनेट सिटी इलाके में एक इमारत पर हवाई रोकथाम के दौरान गिरे मलबे से हल्का नुकसान हुआ। यह मलबा एक इमारत के बाहरी हिस्से पर गिरा। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। दुबई मरीना इलाके में भी ऐसी ही एक मामूली घटना की जानकारी दी गई है।
उधर, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में पेश किए गए प्रस्ताव पर मतदान फिलहाल टाल दिया गया है। यह प्रस्ताव बहरीन की ओर से लाया गया था, जिसमें जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए जरूरी सुरक्षा कदम उठाने की अनुमति देने की बात कही गई है। पहले इस पर शुक्रवार को वोटिंग होनी थी, फिर इसे शनिवार तक टाला गया। अब राजनयिकों के अनुसार मतदान अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। नई तारीख अभी तय नहीं हुई है।