अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप | फाइल फोटो
अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी वार्ताकार ईरान के साथ बातचीत के एक और दौर के लिए सोमवार को पाकिस्तान पहुंचेंगे। इससे उस नाजुक संघर्ष विराम को आगे बढ़ाने की उम्मीदें बढ़ गई हैं जो बुधवार तक समाप्त होने वाला है। हालांकि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच गतिरोध अभी भी बना हुआ है।
ईरान ने दूसरे दौर की बातचीत की फिलहाल पुष्टि नहीं की है लेकिन उसके मुख्य वार्ताकार और संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबफ ने शनिवार देर रात सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित एक साक्षात्कार में कहा था कि ‘कूटनीति के क्षेत्र में कोई पीछे नहीं हटेगा’। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि दोनों पक्षों के बीच अभी भी काफी मतभेद बना हुआ है।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से फोन पर बात करने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा है कि उनका देश अमेरिका और ईरान के बीच के मतभेदों को दूर करने में जुटा है।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की अगुआई में स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल पाकिस्तान जाएगा। पहले दौर की बातचीत भी वेंस के नेतृत्व में हुई थी।
इधर, पाकिस्तान के अधिकारियों ने इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इन प्रयासों में शामिल एक क्षेत्रीय अधिकारी ने बताया कि मध्यस्थ तैयारियां पूरी करने में जुटे हैं और अमेरिका की अग्रिम सुरक्षा टीमें पहले से ही मौके पर मौजूद हैं।
ईरान ने शनिवार को कहा था कि उसे अमेरिका से नए प्रस्ताव मिले हैं। यह स्पष्ट नहीं था कि क्या दोनों पक्षों ने उन मुद्दों पर अपने रुख में कोई बदलाव किया है, जिनके कारण बातचीत का पिछला दौर पटरी से उतर गया था। इन मुद्दों में ईरान का परमाणु संवर्धन कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण शामिल हैं।
ट्रंप ने कहा, ‘हम एक बहुत ही उचित और तर्कसंगत प्रस्ताव दे रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि वे इसे स्वीकार करेंगे। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं तो अमेरिका ईरान के हर एक बिजली संयंत्र और हर पुल को ध्वस्त कर देगा।’
इस बीच ईरान से मिल रही धमकियों और ईरानी बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले जहाजों पर अमेरिका की नाकेबंदी के चलते वाणिज्यिक पोतों को होर्मुज से गुजरने में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने शनिवार को कहा था कि अमेरिका अपनी नाकेबंदी से संघर्ष-विराम पैकेज को जोखिम में डाल रहा है।