इंटीग्रेटेड और हाइटेक टाउनशिप परियोजनाओं में बिल्डरों की घटती दिलचस्पी के बावजूद उत्तर प्रदेश सरकार ज्यादा से ज्यादा शहरों में इन्हें विकसित करने की योजना बना रही है।
मंदी के चलते उत्तर प्रदेश में अंसल के अलावा, किसी रियल एस्टेट डेवलपर की हाइटेक परियोजना चालू नहीं हो सकी है। अंसल समूह लखनऊ में सुशांत गोल्फ सिटी के नाम से हाईटेक सिटी विकसित कर रहा है। अंसल की इस परियोजना में न केवल लखनऊ, बल्कि बहुत सारे बाहर के खरीददार भी रुचि दिखा रहे हैं।
अंसल के अलावा नौ अन्य बिल्डरों को भी हाइटेक और इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लिए लाइसेंस जारी किया गया था, पर इनमें से किसी के भी काम न शुरू करने के चलते सारे लाइसेंसों को माया सरकार ने रद्द कर दिया है। आवास विभाग के अधिकारियों का कहना है कि लाइसेंस धारकों ने हाइटेक व इंटीग्रेटेड टाउनशिप विकसित करने की दिशा का पहला जरूरी कदम, यानी भूमि अधिग्रहण ही नहीं किया।
अब सरकार नये सिरे से सारे मामले की समीक्षा कर हाइटेक व इंटीग्रेटेड टाउनशिप के लाइसेंस जारी करने वाली कमेटी का पुनर्गठन करने जा रही है। अभी मायावती के कार्यकाल में आगरा, कानुपर,लखनऊ, वाराणसी और गाजियाबाद शहरों के लिए नौ कंपनियों का चयन कर उन्हें हाइटेक टाउनशिप का लाइसेंस जारी किया गया था। रीयल एस्टेट के क्षेत्र में निजी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ज्यादा से ज्यादा शहरों में हाइटेक टाउनशिप के लाइसेंस जारी करना चाहती है।
फिलहाल उत्तर प्रदेश की सरकार ने इलाहाबाद,गोरखपुर,मथुरा,मुरादाबाद, बदायुं, मुजफ्फरनगर, मिर्जापुर, सहारनपुर सहित 24 बड़े शहरों में इंटीग्रेटेड या हाइटेक टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण की सीमा कम की है। इसके अलावा विकास प्राधिकरणों से अधिक भूमि लेने की आजादी देकर मझोले बिल्डरों के भी आने का रास्ता साफ कर दिया है।
शुरू में अंसल समेत नौ बिल्डरों को हाइटेक टाउनशिप के लिए जारी किया गया था लाइसेंस
अंसल को छोड़कर अन्य डेवलपरों द्वारा काम शुरू नहीं करने से लाइसेंस किया रद्द
लाइसेंस जारी करने वाली कमेटी का होगा पुनर्गठन