उद्योग घरानों द्वारा विमान आयात मामले में कथित सीमा शुल्क चोरी के खिलाफ जारी अभियान के तहत सरकार ने मुकेश अंबानी के बाद अब अनिल अंबानी समूह के जेट विमान को जब्त करने का नोटिस जारी किया है।
सीमा शुल्क विभाग ने रिलायंस ट्रांसपोर्ट एंड ट्रैवेल्स प्राइवेट लिमिटेड के 150 करोड़ रुपए के ग्लोबल 5000 बांबार्डियर विमान की खरीद में 37 करोड़ रुपये से अधिक के शुल्क के लिए यह नोटिस जारी किया है। अभी तक सीमा शुल्क विभाग के अधिकारी मुकेश अंबानी समूह, जीएमआर, ओबेराय और इंडियाबुल्स सहित विभिन्न उद्योग घरानों के करीब दस विमानों को जब्त कर चुके हैं।
उक्त उद्योग घरानों से गैर-अधिसूचित ऑपरेटर परमिट के तहत विमानों को जब्त किया गया, लेकिन बैंक गारंटी और बॉन्ड पर इन्हें छोड़ दिया गया। अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) की कंपनी रिलायंस ट्रांसपोर्ट एंड ट्रैवेल्स ने कहा कि यद्यपि उसने कोई गलत काम नहीं किया है, फिर भी कंपनी ने नोटिस के जवाब में बैंक गारंटी और हर्जाना बॉन्ड की पेशकश की है।
हालांकि सीमा शुल्क अधिकारियों ने कहा कि जब्ती नोटिस जारी किए बिना किसी भी तरह की पेशकश को स्वीकार नहीं किया जा सकता। सीमा शुल्क विभाग टाटा, डीएलएफ और रेमंड्स सहित विभिन्न उद्योग घरानों के 250 से अधिक कॉरपोरेट जेट विमानों की खरीद की जांच कर रहा है। माना जाता है कि विभिन्न क्षेत्रीय सीमा शुल्क कार्यालयों द्वारा कंपनियों को एक-एक कर नोटिस जारी किया जा रहा है। रिलायंस ट्रांसपोर्ट एंड ट्रैवेल्स के एक प्रवक्ता ने कहा – कंपनी परमिट धारक है और इसने अपने सभी व्यापक दस्तावेजों से विभाग को अवगत करा दिया है।