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वेदांता फॉक्सकॉन के बाद टाटा एयरबस परियोजना भी महाराष्ट्र के हाथ से निकली

Last Updated- December 11, 2022 | 12:48 PM IST

वेदांत-फॉक्सकॉन परियोजना के बाद टाटा-एयरबस परियोजना भी महाराष्ट्र के हाथ से निकल गई है। पिछले डेढ़ महीने में ये दोनों परियोजनाएं हाथ से निकलने से महाराष्ट्र को 1.72 लाख करोड़ रुपये का झटका लगा है। एक के बाद एक परियोजना महाराष्ट्र से निकलने पर विपक्ष शिंदे सरकार पर हमलावर है जबकि राज्य सरकार दावा कर रही है कि गुजरात में टाटा-एअरबस सी-295 परिवहन विमान परियोजना स्थापित करने के सौदे पर केंद्र ने पिछले साल सितंबर में हस्ताक्षर किए थे जब राज्य में महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार सत्ता में थी।
पीएम मोदी वडोदरा में टाटा-एयरबस परियोजना की आधारशिला रखेंगे

महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार को डेढ़ महीने में दूसरा झटका लगा है। पिछले महीने 1.5 लाख करोड़ रुपये की वेदांत-फॉक्सकॉन परियोजना उसके हाथ से निकल गई थी और अब 22,000 करोड़ रुपये का टाटा-एयरबस परियोजना भी महाराष्ट्र के हाथ से निकल गया है। ये दोनों परियोजनाएं गुजरात के हाथ लगी हैं जहां जल्दी ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को गुजरात के वडोदरा में टाटा-एयरबस के परियोजना की आधारशिला रखेंगे।
विपक्ष लोगों के बीच भ्रम फैला रहा- उदय सामंत

महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने शुक्रवार को दावा किया कि गुजरात में टाटा-एअरबस सी-295 परिवहन विमान परियोजना स्थापित करने के सौदे पर केंद्र ने पिछले साल सितंबर में हस्ताक्षर किए थे जब राज्य में महा विकास आघाडी (एमवीए) सरकार सत्ता में थी। उन्होंने कहा कि चाहे वेदांता-फॉक्सकॉन परियोजना हो या टाटा-एअरबस परियोजना हो, इन परियोजना को कहां स्थापित किया जाए, इसका फैसला जून में राज्य में एकनाथ शिंदे सरकार के सत्ता में आने से पहले लिया गया था। विपक्ष लोगों के बीच भ्रम फैलाने के अलावा और कुछ नहीं कर रहा है।
सामंत ने कहा कि मैंने पहले भी कहा था कि राज्य सरकार महाराष्ट्र में परियोजनाएं लाने का प्रयास करेंगी। लेकिन मुझे समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर होने के बाद परियोजना के संबंध में एमवीए सरकार द्वारा लिखा कोई पत्र नहीं मिला। अरबों रुपये की वेदांता-फॉक्सकॉन परियोजना गुजरात चले जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्य में बड़ी परियोजना स्थापित करने का आश्वासन दिया है। हमें विश्वास है कि राज्य में पांच-छह महीने में एक बड़ी परियोजना लाई जाएगी।
परियोजनाएं क्यों बाहर जा रही शिंदे सरकार जवाब दें- आदित्य ठाकरे

महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने सवाल किया कि क्या राज्य सरकार जवाब देगी कि ये परियोजनाएं बाहर क्यों जा रही हैं? टाटा-एअरबस चौथी परियोजना है जो महाराष्ट्र में गद्दार सरकार के सत्ता में आने के बाद से राज्य से दूर चली गई है। वे हमेशा दावा करते हैं कि उनकी डबल-इंजन की सरकार है लेकिन केवल केंद्र सरकार का इंजन काम कर रहा है जबकि राज्य सरकार का इंजन फेल हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री शिंदे आए दिन दिल्ली जाते हैं लेकिन वे वहां अपने लिए जाते हैं न कि महाराष्ट्र के लिए। मैंने उन्हें कभी यह कहते नहीं सुना कि टाटा-एअरबस परियोजना को महाराष्ट्र में आना चाहिए था। वेदांता फॉक्सकॉन, बल्क ड्रग पार्क, मेडिकल डिवाइस पार्क और अब टाटा एअरबस समेत परियोजनाएं गुजरात चली गई हैं।
पहली बार निजी कंपनी बनाएगी सैन्य विमान

रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि यूरोपीय कंपनी एयरबस और भारतीय समूह टाटा का एक कंसोर्टियम (संघ) गुजरात के वडोदरा में भारतीय वायु सेना के लिए सी-295 परिवहन विमान का निर्माण करेगा। इस परियोजना के तहत पहली बार निजी कंपनी द्वारा सैन्य विमान का निर्माण भारत में किया जाना है। परियोजना की कुल लागत 21,935 करोड़ रुपये है। विमान का इस्तेमाल नागरिक उद्देश्यों के लिए भी किया जा सकता है। इस साल सितंबर में उदय सामंत ने कहा था कि टाटा-एअरबस विमान विनिर्माण परियोजना महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में नागपुर के समीप स्थापित की जाएगी। गौरतलब है कि पिछले महीने वेदांता और ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक कंपनी फॉक्सकॉन की संयुक्त सेमीकंडक्टर परियोजना गुजरात में स्थापित करने की घोषणा के बाद महाराष्ट्र में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। पहले यह परियोजना पुणे शहर के समीप स्थापित की जानी थी।

First Published - October 28, 2022 | 7:08 PM IST

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