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Ahmedabad-Mumbai bullet train: गोदरेज की अधिग्रहीत जमीन के मुआवजा पर 30 दिन में फैसला करने का निर्देश

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मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए कुल 508.17 किलोमीटर रेल ट्रैक में से लगभग 21 किलोमीटर को भूमिगत करने की योजना है।

Last Updated- September 11, 2023 | 8:05 PM IST
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मुंबई उच्च न्यायलय ने सोमवार को महाराष्ट्र सरकार को निर्देश दिया कि वह गोदरेज एंड बॉयस कंपनी की उस अर्जी पर एक महीने के भीतर फैसला करे जिसमें मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना (Ahmedabad-Mumbai bullet train) के लिए उपनगर विक्रोली में अपनी जमीन के अधिग्रहण के लिए दिए गए मुआवजे को बढ़ाने की मांग की गई है।

न्यायमूर्ति बीपी कोलाबावाला और न्यायमूर्ति एमएम सथाये की खंडपीठ कंपनी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मुंबई उपनगरीय जिला कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर (भूमि अधिग्रहण) को मुआवजा बढ़ाने की कंपनी की अर्जी पर भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन (एलएआरआर) प्राधिकरण को निर्देश देने की मांग की गई थी।

कंपनी के आवेदन पर 30 दिन के भीतर फैसला करने का निर्देश

पीठ ने संबंधित राज्य सरकार के अधिकारियों को कंपनी के आवेदन पर 30 दिन के भीतर फैसला करने का निर्देश दिया। बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए मुंबई के विक्रोली इलाके में कंपनी के स्वामित्व वाली जमीन के अधिग्रहण को लेकर कंपनी और सरकार के बीच 2019 से कानूनी विवाद चल रहा है।

गोदरेज की दलील थी कि शुरुआत में मुआवजा 572 करोड़ रुपये तय किया गया था, लेकिन जब अंतिम फैसला पारित किया गया तो मुआवजे की राशि घटाकर 264 करोड़ रुपये कर दी गई। कंपनी अब मुआवजा राशि बढ़ाकर 993 करोड़ रुपये करने की मांग कर रही है।

इस साल फरवरी में उच्च न्यायालय ने अधिग्रहण की कार्यवाही को चुनौती देने वाली कंपनी की याचिका खारिज कर दी थी। उच्च न्यायालय ने तब यह भी कहा कि वह कंपनी को दिए गए मुआवजे को बढ़ाने की मांग पर सुनवाई के लिए तैयार है।

कंपनी ने उसकी याचिका खारिज करने के हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। शीर्ष अदालत ने उच्च न्यायाल के आदेश को बरकरार रखा, लेकिन कहा कि मुआवजे में वृद्धि का मुद्दा छह महीने की अवधि के भीतर तय किया जाएगा।

गोदरेज ने अपनी याचिका में कहा कि उसने फरवरी 2023 में कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर (भूमि अधिग्रहण) के समक्ष एक आवेदन दायर कर मुआवजे में वृद्धि के लिए एलएआरआर प्राधिकरण को एक संदर्भ देने का अनुरोध किया था। लेकिन कलेक्टर ने कोई कार्रवाई नहीं की।

मुंबई और अहमदाबाद के बीच बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए कुल 508.17 किलोमीटर रेल ट्रैक में से लगभग 21 किलोमीटर को भूमिगत करने की योजना है। भूमिगत सुरंग के प्रवेश बिंदुओं में से एक विक्रोली (गोदरेज के स्वामित्व वाली) में भूमि पर पड़ता है।

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First Published - September 11, 2023 | 8:05 PM IST

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