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आवक बढ़ने से सेब हुआ सस्ता

Last Updated- December 11, 2022 | 3:26 PM IST

 आवक बढ़ने से सेब के दाम गिर रहे हैं। सेब सस्ता होने से उपभोक्ताओं को भले ही राहत मिली हो, किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं क्योंकि उन्हें लागत बढ़ने के बावजूद पिछले साल से कम दाम मिल रहे हैं। हिमाचल के बाद अब कश्मीर से भी नये सेब की आवक शुरू हो गई है। अगले 10 से 15 दिनों में कश्मीर के सेब की आवक जोर पकड़ने लगेगी। ऐसे में आगे भी सेब सस्ता रहने की संभावना है। सरकार के दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक वर्ष 2021-22 में सेब का उत्पादन 24.37 लाख टन रहा। किसानों के मुताबिक वर्ष 2022-23 में सेब उत्पादन 10 फीसदी ज्यादा होने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में इस साल 3.5 से 4 करोड़ पेटी (22-24  किलो) सेब पैदा होने का अनुमान है।
भारतीय सेब उत्पादक संघ के अध्यक्ष रवींद्र चौहान कहते हैं इस साल सेब की पैदावार 10 फीसदी ही ज्यादा है। किसानों को इसके दाम 40 फीसदी कम मिल रहे हैं। हिमाचल प्रदेश के किसानों को इस समय ज्यादातर सेब का दाम 1,000 से 1,200 रुपये पेटी मिल रहा है, जबकि पिछले साल इसी सेब के दाम 1,400 से 1,600 रुपये पेटी मिले थे। बहुत अच्छी गुणवत्ता के दाम 1,700 से 2,000 रुपये हैं, पिछले साल ये 2,000 से 2,500 रुपये तक थे। 
चौहान कहते हैं कि लागत बढ़ने के बावजूद 10 फीसदी ज्यादा उत्पादन पर ही 40 फीसदी दाम गिरना समझ से परे है। दाम कम मिलने से 6,500 करोड़ रुपये वाला हिमाचल प्रदेश का सेब कारोबार घटकर 3,500 से 4,000 करोड़ रुपये पर आ गया है। अदाणी एग्रो फ्रेश कंपनी ने सेब की खरीद 52 से 76 रुपये में शुरू की थी। अब उसने दाम घटाकर 41 से 60 रुपये किलो कर दिए हैं। अदाणी द्वारा दाम घटाने से भी सेब की कीमतों में गिरावट का माहौल बना है। हिमाचल के सेब किसान व प्रोग्रेसिव ग्रोवर्स एसोसिएशन के महासचिव कुनाल चौहान ने कहा कि अधिक पैदावार के साथ मांग में कमी भी दाम गिरने की वजह है। 

First Published - September 18, 2022 | 10:47 PM IST

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