आमिर खान एक बार फिर विवाद में हैं। इस बार मामला एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक के विज्ञापन से जुड़ा है। आमिर और कियारा आडवाणी के साथ फिल्माए गए इस विज्ञापन में नवविवाहित जोड़ी को सामाजिक परंपराओं को तोड़ते हुए दिखाया गया है। इसमें शादी के बाद दुल्हन की जगह दूल्हा घर के द्वार पर पांव रख रहा है।
इसे लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है और इसका बहिष्कार करने की अपील की जा रही है। असल में एयू स्मॉल फाइनैंस ने सोचा भी नहीं होगा कि उसे अपने इस अनूठे प्रयोग वाले विज्ञापन को लेकर इस कदर विवाद का सामना करना पड़ सकता है। मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने आमिर से अनुरोध किया कि वह ऐसे विज्ञापनों से परहेज करें।
बिज़नेस स्टैंडर्ड के सवाल के जवाब में एयू स्मॉल फाइनैंस ने कहा कि वह सभी तरह के विचारों का सम्मान करता है और उसका इरादा किसी के विश्वास को चोट पहुंचाना नहीं है। बैंक ने बयान में कहा, ‘यदि इस विज्ञापन को लेकर किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो यह महज संयोग है। हमारा इरादा कभी किसी की भावना को ठेस पहुंचाना नहीं है। हम अपने ग्राहकों को सेवाएं मुहैया कराने का सर्वश्रेष्ठ प्रयास जारी रखेंगे।’
आमिर के साथ विवाद का जुड़ना कोई नया नहीं है। उनकी फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ को लेकर भी सोशल मीडिया पर बहिष्कार की अपील की गई थी जिसकी वजह से दर्शकों सिनेमाघरों तक नहीं पहुंचे और फिल्म फ्लॉप हो गई थी। पिछले साल भी आमिर को एक विज्ञापन के कारण कड़ी आलोचनाएं झेलनी पड़ी थीं।
सिएट टायर के विज्ञापन में आमिर ने बच्चों से कहा था कि वे सड़क पर पटाखे नहीं चलाएं बल्कि अपनी सोसायटी में जाकर पटाखे चलाएं। इसी तरह आमिर खान ने 2016 में टिप्पणी की थी कि देश में असहिष्णुता बढ़ गई है। इसे लेकर भी खूब विवाद हुआ था। उस समय आमिर स्नैपडील के विज्ञापन में आते थे। लोगों की तीखी आलोचना के कारण ई-कॉमर्स कंपनी को अपने ग्राहकों की खासी नाराजगी झेलनी पड़ी थी। इसके बाद स्नैपडील ने आमिर से नाता तोड़ते हुए उन्हें कंपनी के ब्रांड ऐंबैसडर से हटा दिया था। इसी मामले में पर्यटन मंत्रालय ने भी अपने ‘अतुल्य भारत’ अभियान के विज्ञापन से आमिर को 2017 में हटा दिया था।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कंपनियां भविष्य में अपने ब्रांड का विज्ञापन कराने के लिए आमिर की सेवाएं लेने में सतर्कता बरतेंगे? कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसा हो सकता है। इसका कारण यह है कि आमिर विभिन्न सामाजिक मुद्दों पर बेधड़क होकर अपनी राय जताते रहे हैं। उनकी यह छवि उनकी फिल्मों जैसे दंगल, सीक्रेट सुपरस्टार, रंग दे बसंती और तारे जमीं में भी दिखाई देती है। यह स्टॉर प्लस पर प्रसारित उनके टेलीविजन कार्यक्रम ‘सत्यमेव जयते’ में भी उजागर हुई है।
एलकेमिस्ट ब्रांड कंसल्टिंग के प्रबंधकीय साझेदार व संस्थापक समित सिन्हा ने कहा, ‘मेरे अनुसार आमिर कुशल ‘मार्केटर’ है। आमिर लोगों के दिलोदिमाग पर प्रभाव डालने वाले विज्ञापन के महत्व को जानते हैं।’ सिन्हा ने कहा,’आमिर ने कुछ साल पहले असहिष्णुता पर टिप्पणी की थी जो अभी भी समय-समय पर उनके लिए परेशानी खड़ी करती रहती है। लिहाजा ब्रांड सुरक्षित रुख अपनाएंगे। इससे ब्रांड के पोर्टफोलियो के साथ-साथ अभिनेता के विज्ञापन शुल्क पर भी असर पड़ता है।’
इस बारे में बिज़नेस स्टैंडर्ड ने सेलेब्रिटी मैनेजर से बातचीत की। उनके अनुसार आमिर साल भर के विज्ञापन के लिए एक ब्रांड से 5 से 6 करोड़ रुपये की फीस वसूलते हैं। आमिर किसी भी ब्रांड को अपनी पसंद के अनुसार चुनते हैं। अभी भी कुछ सबसे अच्छे विज्ञापनों में उनका नाम शुमार है। वे अभी भी टेलीविजन पर फ्लिपकार्ट के फोन पे और फार्मईजी के साथ-साथ एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक के विज्ञापनों में नजर आते हैं।
हालांकि वे पहले कोका-कोला, सैमसंग, टाटा प्ले, वेदांतु, निसान के डैटसन और गोदरेज समूह सहित अन्य कंपनियों के विज्ञापनों में दिखते थे। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि सोशल मीडिया पर उनकी फिल्मों व विज्ञापनों के बहिष्कार की अपील जारी रहती है तो आमिर के विज्ञापन की फीस घटकर करीब आधी रह सकती है।
फ्यूचरब्रांड्स इंडिया के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी संतोष देसाई ने कहा, ‘हमारी सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति लोग बेहद संवेदनशील हैं। इसके अलावा लोग खास सेलेब्रिटी और चर्चित हस्तियों के कहने और करने पर खास तौर पर प्रेरित होते हैं। इससे विज्ञापनदाताओं का ब्रांड मूल्य भी प्रभावित हो सकता है। लिहाजा विज्ञापन देने वाले ऐसे लोगों के साथ काम करने को लेकर खास रूप से सतर्कता बरतते हैं।’
अगस्त में आई आमिर की फिल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ के बहिष्कार का आह्वान किया गया था। इस पर आमिर ने कहा था कि वे उनकी फिल्म नहीं देखने वाले के निर्णय का स्वागत करेंगे। सोशल मीडिया पर एयू स्मॉल फाइनैंस बैंक के बहिष्कार की अपील पर खान ने अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है।
ब्रांड-बिल्डिंग डॉट कॉम के संस्थापक अम्बी परमेश्वरन ने अनुमान जताया कि यदि आमिर हिट फिल्म दे देते हैं तो इस स्थिति से सशक्त होकर निकलेंगे। परमेश्वरन ने कहा, ‘यदि आमिर हिट फिल्म दे देते हैं तो सब कुछ माफ कर दिया जाएगा। इसलिए सबकुछ उनकी अगली फिल्म पर निर्भर होगा। और ऐसा होता है तो उनका ब्रांड मूल्य भी तेजी से बढ़ेगा। यदि ऐसा नहीं होता है तो उन्हें इसके उपाय तलाशने होंगे।’