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‘सरकार-राज’ की चक्की में पिस गया कारोबार

Last Updated- December 07, 2022 | 8:41 PM IST

राज्यसभा सदस्य जया बच्चन के बयान के बाद एक बार फिर से राज ठाकरे और उनकी पार्टी महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना राज्य में हिंदी भाषियों के खिलाफ अपनी पुरानी मुहिम को हवा देने में जुट गई है।


राज के तीखे तेवरों और उनके आंदोलन से सबसे ज्यादा प्रभावित कारोबारी हो रहे हैं। इसका असर राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी दिखने लगा है। चालू वित्त वर्ष में राज्य की अर्थव्यवस्था में तकरीबन 10 से 15 फीसदी की गिरावट आने की आशंका है। मनसे के आंदोलनों का सबसे बुरा असर रियल एस्टेट, टेक्सटाइल, रिटेल कारोबार, भोजपुरी सिनेमा के साथ अब बॉलीवुड में भी पड़ सकता है।

राज की धमकी 12 सितंबर को रिलीज होने वाली रितुपर्णो निर्देशित अंग्रेजी फिल्म ‘द लास्ट लियर’ के लिए बुरी खबर है। इसमें अमिताभ बच्चन मुख्य भूमिका में हैं। इसके अलावा, अभिषेक बच्चन और जया बच्चन की ‘द्रोण’ के साथ-साथ उनके द्वारा प्रचारित किए जाने वाले कंपनियों के उत्पाद हैं।

‘द्रोण’ 60 करोड़ रुपये और ‘द लास्ट लियर’ में 50 करोड़ रुपये, यानी कुल 110 करोड़ रुपये की लागत वाली फिल्मों के  प्रदर्शित होने से पहले ही रोकने की बात कही जाने लगी है। बच्चन परिवार के साथ शिवसेना ने शाहरुख खान के ‘दिल्ली वाले हैं’ बयान पर मोर्चा खोल दिया है।

बालीवुड के शहंशाह और बादशाह को आज यदि इस इंडस्ट्री से बाहर कर दिया जाए, तो इंडस्ट्री का क्या हाल होगा? लिहाजा बॉलीवुड ने भी कमर कसते हुए राज को बस बहुत हो गया का संदेश दिया है। एसोसिएशन ऑफ मोशन पिक्चर्स के अध्यक्ष प्रह्लाद निहलानी ने कहा कि यह किसी एक कलाकार का मामला नहीं है, यह इंडस्ट्री से जुड़ा मामला है। यहां सभी राज्यों, भाषा और धर्म के लोग काम करते हैं, जिससे केंद्र के साथ राज्य को भी करोड़ों रुपये की आय होती है। वहीं लाखों लोगों को रोजगार मिलता है।

उत्तर भारतीय भगाओ आंदोलन का सबसे ज्यादा खामियाजा रियल एस्टेट को भुगतना पड़ा है। नासिक और पुणे में लगभग सभी प्रोजेक्ट 7 से 8 महीने देर से तैयार हो रहे हैं। पुणे बिल्डर एसोसिएशन केअध्यक्ष ललित जैन के अनुसार, मजदूरों की कमी की वजह से परियोजनाओं में देरी तो हुई ही है, ग्राहकों से रिश्तों में दरार भी आने लगी है।

मुंबई बिल्डर एसोसिएशन के अध्यक्ष आनंद गुप्ता के मुताबिक, लगभग 6 लाख करोड़ रुपये की इस इंडस्ट्री में नबंर वन का खिताब हासिल कर चुके महाराष्ट्र की विकास दर में 15 से 20 फीसदी की गिरावट आ गई है। राज्य के विकास में अहम भूमिका निभाने वाला वस्त्र उद्योग के उत्पादन में करीबन 25 फीसदी की गिरावट और गुणवत्ता में कमी आने की वजह से यह दूसरे राज्यों से पीछे खिसकने लगा है।

हिंदुस्तान चैंबर्स के अध्यक्ष शंकर केजरीवाल कहते हैं कि अभी राज्य से मजदूरों का पलायन हुआ है, लेकिन यही हाल रहा तो वह दिन दूर नहीं जब राज्य से कारोबारी भी पलायन करना शुरू कर देगें।

राज्य की अर्थव्यवस्था में 15 फीसदी की गिरावट आने की आशंका
विवाद से फिल्म समेत कई उद्योगों की कमर टूटी, कारोबारी परेशान

First Published - September 10, 2008 | 1:19 AM IST

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