Byju’s अबू धाबी स्थित सॉवरेन फंड और निवेशकों के साथ मिलकर 500-600 मिलियन डॉलर जुटाने की योजना बना रहा है। कंपनी को स्टार्ट-अप दुनिया में लगातार फंडिंग की कमी का सामना करना पड़ रहा है। शैक्षिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ने अगले साल तक मुनाफे का लक्ष्य रखा है। कंपनी से जुड़े एक व्यक्ति का कहना है कि कंपनी नए निवेशकों से फंडिंग के लिए बात कर रही है। भविष्य में कई नए नियम निर्धारित किए जाएंगे क्योंकि निवेशकों को इस माहौल में काम करना कठिन है। हालांकि कंपनी ने फंडिंग से जुड़े योजना पर पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया।
अपने अंतिम दौर में फर्म फर्म ने कतर स्थित निवेश प्राधिकरण और मौजूदा निवेशकों के साथ मिलकर 25 करोड़ डॉलर जुटाए थे। इसी मार्च में Byju’s ने फंडिंग राउंड के माध्यम से 80 करोड़ डॉलर जुटाए थे। इसमें कंपनी के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी Byju’s रवींद्रन ने आधा हिस्सा लाया था। इससे परिचित लोगों का कहना है कि रवींद्रन विभिन्न अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बैंकों के साथ बातचीत कर रहे थे ताकि 80 करोड़ डॉलर के फंडिंग राउंड के 50 प्रतिशत के लिए ऋण के रूप में 40 करोड़ डॉलर जुटाए जा सकें।
बेंगलुरु स्थित फर्म ने हाल में ही ‘ऑप्टिमाइज़ेशन’ ड्राइव के साथ लगभग 2,500 कर्मचारियों के छटनी की घोषणा की थी जो कुल कर्मचारी का 5 प्रतिशत है।
अभी नवीनतम रिपोर्ट के मुताबिक एडटेक फर्म को साल 2020-21 में 4,588 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज किया था जो पिछले वर्ष के मुकाबले 19 गुणा अधिक है। फर्म ने वित्त वर्ष 2011 में 2,428 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था। वित्त वर्ष 2010 में कंपनी को 2,511 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था जिसमें 300 करोड़ का घाटा शामिल है।
रवींद्रन ने पहले कहा था कि फर्म अपने विकास की कहानी लिख रहा था जहां अर्थशास्त्र और पैमाना दोनों कंपनी के पक्ष में था। इसका अपने व्यवसाय में जो पूंजी निवेश करेगी उसमें काफी लाभ दिखेगा। फर्म ने अब तीन-आयामी दृष्टिकोण के साथ अगले साल मार्च तक समूह-स्तरीय लाभप्रदता प्राप्त करने की राह पर चल पड़े हैं।
फर्म ने अगले 6 महीने में 10,000 शिक्षकों को नियुक्त करने की योजना बनाई है जिससे उसमें शिक्षकों की संख्या बढ़कर 20,000 हो जाएगी। कंपनी अपना विस्तार भी कर रहा है, इसके अलावा कंपनी नेतृत्व को बढ़ाने और अपनी परिचालन शक्ति को भी मजबूत करने पर काम कर रही है।
फर्म ने कहा कि वो पहले ही कंपनी के लाभ की वृद्धि को काम करना शुरू कर दिया है। कंपनी का राजस्व वित्त वर्ष 2022 में लगभग 10,000 करोड़ रुपये रखा गया है।