आगामी 22 जुलाई को होने वाले विश्वासमत की उल्टी गिनती शुरू होते ही सरकार बचाने-गिराने की कवायद और तेज हो गई है।
संप्रग जहां 271 सांसदों का जादुई आंकड़ा अपने पक्ष में बता रही है, वहीं विपक्षी पार्टियां सरकार गिराने के लिए पूरी तरह कमर कस चुकी है। इसी बीच वामदलों की ओर तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट फिर से शुरू हो गई है।
विश्वास प्रस्ताव को लेकर विरोध और समर्थन की मिली-जुली लहरों पर सवार यूपीए सरकार को रविवार को बड़ी राहत मिली, जब पांच सांसदों वाले झारखंड मुक्ति मोर्चा ने समर्थन देने का ऐलान किया। पार्टी के नेता शिबु सोरेन ने रविवार को सोनिया गांधी के आवास पर जाकर सरकार के हक में वोट देने का आश्वासन दिया।
उनका दावा है कि इसके बदले उन्हें कोयला मंत्रालय और एक सांसद को राज्य मंत्री बनाया जाएगा। इसी बीच अजित सिंह की तीन सांसदों वाले राष्ट्रीय लोकदल के विपक्षी खेमे में चले जाने से 271 के जादुई अंक तक पहुंचने की उम्मीद धुंधली होती नजर आ रही है। जरूरी सांसदों का समर्थन जुटाने के लिए चिंतित सरकार को द्रमुक सदस्य दयानिधि मारन ने भी कुछ ढांढस बंधाया, जब उन्होंने पार्टी के निर्णय का पालन करते हुए सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया। हैदराबाद स्थित मुस्लिम मजलिस ने भी ऐलान किया कि पार्टी का एकमात्र सांसद सरकार का समर्थन करेगा।
हालांकि इस बीच देवगौड़ा का जद (एस) सरकार में विरोध में मत देने का ऐलान कर कांग्रेस के पसीने छुड़ा दिए। नंबरों के इस खेल में सरकार को मात देने के लिए विपक्षी खेमे के प्रयास भी पूरे जोर-शोर से जारी हैं। समाजवादी पार्टी के तीन बागी सांसदों मुनव्वर हुसैन, जयप्रकाश राव और राजनारायण बुधोलिया ने मायावती से मुलाकात कर सरकार के खिलाफ वोट देने का वादा किया। दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के महासचिव अमर सिंह ने दावा किया कि बसपा के सात सांसद पार्टी रूख का विरोध करते हुए सरकार के पक्ष में वोट देंगे।
उधर, तीसरे मोर्चे की सुगबुगाहट के बीचचंद्रबाबू नायडू, ओम प्रकाश चौटाला, बृंदावन गोस्वामी और बाबूलाल मरांडी ने वामपंथी नेता प्रकाश करात और एवी वर्धन के साथ सोमवार और मंगलवार को संसद में अपनाई जाने वाली रणनीति पर चर्चा की। माकपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और समाजवादी पार्टी हताशा में धनबल और अनैतिक तरीकों से सांसदों का समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। जोड़-तोड़ के लिए सभी दल 22 जुलाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब सरकार की किस्मत का फैसला होना है।
271 के जादुई आंकड़े के लिए जोड़-तोड़ चरम पर
शिबू का मिला साथ,अजित सिंह विपक्षी पाले में
तीसरे मोर्चे की फिर शुरू हुई सुगबुगाहट